27 तारीख को प्रधानमंत्री सभी राज्यों के मुख्यमंत्रीयों के साथ वीडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक करेंगे। केंद्र सरकार द्वारा यह भी कहा गया है कि उनकी ओर से गठित टीम राज्यों के अधिकार में दखल नहीं देगी बल्कि राष्ट्रव्यापी प्रयास में वे केंद्र और राज्य के बीच पुल का काम करेंगे।

सम्पूर्ण जग को इस समय एक खतरनाक महामारी कोविड-19 ने जकड़ रखा है, अकेले भारत में भी महामारी से ग्रस्त मरीजों की संख्या 21 हजार को पार कर चुकी है, वहीं यदि बात करे रिकवरी की तो भारत का रिकवरी रेट अन्य देशों के मुताबिक कई बेहतर है, वर्तमान में देश लोकडाउन 1.0 से निकलकर 2.0 में चल रहा है।
वहीं भारत अन्य देशों के मुकाबले कोविड-19 से लड़ाई में काफी बेहतर है और यह सब सुपर एक्टिव मोदी के महामंत्र और उनके सुपर फास्ट फैसलों से हो पाया है। सभी को पता है कि देश 3 मई तक लॉकडाउन में है, लेकिन 3 मई के बाद का एक्शन प्लान क्या होगा इस सवाल के जवाब का हर कोई अपने-अपने ढंग से कयासों के माध्यम से अंदाजा लगा रहा है। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 3 मई के बाद के प्लान को लेकर रणनीति अभी से बननी शुरू हो गई है।

जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आने वाली 27 तारीख को प्रधानमंत्री सभी राज्यों के मुख्यमंत्रीयों के साथ वीडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक करेंगे। केंद्र सरकार द्वारा यह भी कहा गया है कि उनकी ओर से गठित टीम राज्यों के अधिकार में दखल नहीं देगी बल्कि राष्ट्रव्यापी प्रयास में वे केंद्र और राज्य के बीच पुल का काम करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे पहले आर्थिक गतिविधियों को खोला जाएगा और आखिर में स्कूल-कॉलेज और दूसरे शिक्षण संस्थान खुलेंगे। लोकडाउन की अवधि समाप्त होने के बाद सर्वप्रथम जनोपयोगी दुकानों को भी कुछ शर्तों के साथ राहत दी जा सकती है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी मुंबई, दिल्ली, नोएडा, इंदौर जैसे इलाकों पर खास निगरानी रखी जाएगी। यहां लॉकडाउन के कुछ नियमों का फिलहाल पालन होगा।

हिमाँशु
आई.टी. असिसटेंट