जब बच्चे पढ़ाई करने बैठे तो कुर्सी पर बैठकर पढाई करवाएं नहीं तो बेड पर छोटा टेबल लगाकर ही बच्चों को पढ़ाई करवाएं

कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण देश में लॉकडाउन लागू चल रहा है। इसकी वजह से सभी स्कूल भी बंद है। सभी क्लास के बच्चों की अब ऑनलआइन क्लास शुरू हो चुकी है। बच्चे सुबह ही नाश्ता करने के बाद से क्लास लेना शुरू कर देते है जो शाम तक चलती है। बच्चों का ध्यान अब क्लास की ब्लैकबोर्ड की जगह मोबाइल फोन और लैपटॉप की स्क्रीन पर गड़ी हुई है। इसकी वजह से इन बच्चों के आंखों पर अब असर दिखना शुरू हो गया है। एक्सपर्ट के मुताबिक अभिभावकों को अपने बच्चों की आंखों का इस दौरान काफी ध्यान रखना होगा।

बच्चों के लैपटॉप और फोन के ज्यादातर इस्तेमाल से उनकी आंखों पर काफी ज्यादा जोर पड़ रहा है। एक्सपर्ट यह भी कहते है कि इस वक्त बच्चों को लैपटॉप और फोन के बदले डेस्कटॉप का इस्तेमाल करना चाहिए इससे बच्चों के आंखों पर ज्यादा दबाव नहीं बनेगा। साथ ही अगर आप अपने बच्चों को लैपटॉप का इस्तेमाल करने दे भी रहे है तो उसकी स्क्रीन को थोड़ी दूरी पर रखें। एक्सपर्ट का मानना है कि जब बच्चे पढ़ाई करने बैठे तो कुर्सी पर बैठकर पढाई करवाएं नहीं तो बेड पर छोटा टेबल लगाकर ही बच्चों को पढ़ाई करवाएं।


सहारनपुर में रहने वाली वंदना के अनुसार उनके बेटे की तीन घंटे क्लास होती है। क्लास के बाद होमवर्क भी फोन पर ही मिलता है। इससे बच्चे के आंखों पर काफी जोर पड़ता है और रात को सोते वक्त आंखों में दर्द भी होने लगता है। वहीं तोता चैक की रहने वाली शिखा का कहना है कि उनके बेटे भी तीन घंटे लगातार क्लास लेते है जिसकी वजह से उसके सिर में दर्द होने लगता है।

करे ये उपाय


डॉक्टर के मुताबिक अगर कोई बच्चा लगातार ऑनलाइन क्लास ले रहा है तो उसे अपनी आंखों को 5 मिनट तक के लिए बंद रखनी चाहिए, इससे आंखों को काफी आराम मिलेगा और ड्राई आई नार्मल हो जाएगी। साथ ही बच्चों को बीच-बीच में आंखों को झपकाते रहना चाहिए इससे आंखों में ड्राइनेस नहीं बनेगी।