कोरोना वायरस के कारण देश भर के स्कूल बंद है, ऐसे में अभिभावकों की मांग है कि स्कूलों की फीस माफ कर दी जाए। ऐसे मेें अभिभावक डाक न होने के कारण सोशल मीडिया का सबसे बड़ा हथियार टवीटर पर मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल से स्कूलों की फीस माफ कराने का अनुरोध कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों ने भी ट्विटर पर अपना दर्द साझा किया है। शिक्षकों का कहना है कि अगर स्कूलों की फीस माफ कर दी गई तो उन्हें सैलरी कैसे मिलेगी? देश भर के विभिन्न राज्यों के शिक्षक ट्विटर पर गुहार लगा रहे हैं कि स्कूलों की फीस माफ न की जाए। आपको बता दे कि कई राज्यों में स्कूली शिक्षकों को अप्रैल मई का वेतन नहीं मिला है। ऐसे में अधिकतर शिक्षक परेशान हैं।

शिक्षकों ने अपने टवीट् के माध्यम से मानव संसाधन विकास मंत्री पर क्या लिखा है आईये जानते है-

ट्विंकल ने ट्विटर पर लिखती हैं, सर, अगर स्कूल की फीस माफ कर दी जाती है, तो मेरा स्कूल मुझे सैलरी कैसे देगा? लॉकडाउन के कारण हम ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से पहले से कहीं ज्यादा मेहनत कर रहे हैं।

जय ट्विटर पर लिखते हैं, सर मैं उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक हूं। मेरा सवाल है कि अगर स्कूलों को अभिभावकों से फीस नहीं मिलती है तो हमारा वेतन कैसे दिया जाएगा। हालांकि हमारा स्कूल 26 मार्च से लगातार ऑनलाइन कक्षाएं प्रदान कर रहा है।

प्रिया लिखती हैं, अगर स्कूल की फीस का भुगतान नहीं किया जाता है, तो मेरा स्कूल मुझे मेरा वेतन कैसे देगा। बिना वेतन के हम अपने परिवारों का कैसे ख्याल रखेंगे। लॉकडाउन में हम ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से पहले से कहीं अधिक मेहनत कर रहे हैं।

अजय नाम के एक शिक्षक लिखते हैं, सर मैं एक प्राइवेट स्कूल में कार्यरत हूँ। वर्तमान में माता-पिता लॉकडाउन के कारण स्कूल की फीस का भुगतान नहीं कर रहे हैं, हम लोग कैसे अपना वेतन प्राप्त करेंगे और अपना परिवार चलाएंगे। फिर भी हम ऑनलाइन में पढ़ा रहे हैं, कृपया कुछ करें।