गत 22 मार्च से सम्पूर्ण भारतवासी घर पर ही बैठकर खा रहे है, किसी प्रकार की आय का जरिया अधिकतम परिवारों का नहीं है, ऐसे में जो भी बचत घर पर रखी हुयी थी, वह भी अब धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है, लोगो की आर्थिक समस्या का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब उन्हें अपने पीएफ अकाउंड से पैसे निकालकर गुजर-बसर करना पड़ रहा है। ईपीएफओ और निजी पीएफ फंड्स के करीब 8.2 लाख सदस्यों ने अपने गुजर-बसर के लिए 3,243.17 करोड़ रुपये निकाले हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने 28 मार्च के निर्णय में इस योजना के अंशधारक कर्मचारियों को लॉकडाउन के कारण कठिनाइयों से निपटने के लिए आंशिक निकासी की अनुमति दी थी।