कोरोना लॉकडाउन के बीच अब बैंकों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। दरअसल, बैंकों के बाहर लगी ये भीड़ जनधन खातों से पैसे निकालने की है। ये तमाम लोग सरकार द्वारा जनधन खातों में जमा कराई गई राशि निकालने के लिए बैंक पहुंच रहे है। दरअसल, यह अफवाह है कि सरकार द्वारा अकाउंट में आया पैसा अगर नहीं निकाला तो वह वापस हो जाएगा।

इसी डर के चलते बैंकों में भारी भीड़ हो गई है और सभी अपने-अपने अकाउंट से पैसा निकालने का प्रयास कर रहे हैं। इतना ही नहीं इस भीड़ में कुछ ऐसे जरूरतमंद भी हैं जिन्हें पैसे की सख्त जरूरत है। मगर भीड़ बहुत ज्यादा होने की वजह से नकदी नहीं निकाल पा रहे हैं। 

इतना ही नहीं पैसे निकालते वक्त लोग सामाजिक दूरी का ख्याल भी नहीं रख रहे हैं। जो एक बड़ी समस्या बन सकती है। हालांकि प्रशासन ने भी त्वरित कार्रवाई की और लोगों से अपील की कि वह अफवाहों पर ध्यान न दें। बैंक भी खाताधारकों को यह बता रहा है ये जानकारी गलत है। आपके खाते में जो पैसे हैं उन्हें आपके सिवा कोई और नहीं निकाल सकता। आप सब लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हुए पैसे निकालें।

एटीएम से निकालें पैसे

बैंक मैनेजर लगातार लोगों से एटीएम के जरिए पैसे निकालने का निवेदन कर रहे हैं। लेकिन एटीएम की ज्यादा जानकारी न होने की वजह से ग्रामीण भारत के लोग उसका इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। जिसकी वजह से यह लोग बैंक से पैसे निकाल रहे है। 

खातों में कहां से आया पैसा

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत भारत सरकार ने जनधन खाताधारतों को प्रतिमाह 500 रुपए के हिसाब से तीन माह का 1,500 रुपए और किसानों को किसान सम्मान निधि में 2,000 रुपए अकाउंट में ट्रांसफर किए हैं। इतना ही नहीं सरकार ने बुजुर्गों को, दिव्यांगों को और कल्याणी महिलाओं को पेंशन के अलावा एक-एक हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भेजने का ऐलान किया था। जो पैसे खाताधारकों के अकाउंट में पहुंच चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि ग्रामीण भारत में फैली अफवाह को रोकने के लिए बैंक मैनेजर लगातार खाताधारकों से अपील कर रहे है कि जो पैसा अकाउंट में आया है वो वापस नहीं होगा।