नई दिल्ली। श्रीलंका को 1996 में विश्व चैंपियन बनाने वाले कोच डेव वाटमोर बड़ौदा क्रिकेट रणजी टीम के निदेशक बन गए हैं। 1996 विश्वकप की विजेता टीम श्रीलंका के कोच रह चुके वाटमोर केरल टीम से जुड़े थे और उनके रहते केरल ने 2018-19 रणजी ट्राफी में पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनायी थी। लेकिन 2019-20 सत्र में केरल के खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने टीम से अपनी राहें जुदा कर ली थीं। वाटमोर ने मेलबोर्न से क्रिकइंफो से कहा, ‘‘मैं सीनियर टीम का कोच रह चुका हूं लेकिन साथ ही मैं स्थानीय कोचों के साथ अंडर-19 और अंडर-23 जैसी टीमों के साथ भी जुड़ना चाहता हूं। इस कड़ी में मैंने बड़ौदा के साथ दो साल का करार किया है। ’’   

 केरल 2019-20 रणजी ट्राफी में 18 टीमों में 17वें नंबर पर रही थी और वह वनडे चैंपियनशिप के नॉकआउट में भी प्रवेश करने में नाकाम रही थी। वाटमोर ने कहा, ‘‘मैं नई टीम के साथ जुड़ा हूं और उनकी मदद करना चाहता हूं। मेरी तीन अन्य टीमों के साथ भी बातचीत चल रही थी लेकिन मेरे वीजा की समय सीमा समाप्त होने वाली थी। इस बीच कोरोना के कारण लागू हुए यात्रा प्रतिबंध की वजह से मुझे ऑस्ट्रेलिया जाना पड़ा। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले मैनेजर रखा जिसने बड़ौदा के साथ करार करने में मेरी मदद की। कोरोना का प्रभाव खत्म होने के बाद जब मैं भारत आऊंगा तो साल में नौ महीने बड़ौदा में रहने की कोशिश करूंगा। ’’     

बड़ौदा का रणजी के पिछले सत्र में प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था और उसने आठ मैचों में सिर्फ दो जीत हासिल की थी। हालांकि वाटमोर टीम में युवा खिलाड़यिों के साथ काम करने के लिए उत्साहित हैं और उनका मानना है कि हार्दिक और क्रुणाल पांड्या के टीम में शामिल रहने से टीम को मजबूती मिलेगी।