कोलकाता: लॉकडाउन के दौरान फीस बढ़ाने वाले स्कूलों पर शिक्षा विभाग की पैंनी नजर है। अब राज्य सरकार उन निजी स्कूलों को स्मरण पत्र (रिमाइंडर) जारी करेगी, जिन्होंने लॉकडाउन के मद्देनजर फीस नहीं बढ़ाने के राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के अनुरोध पर अनुकूल रूप से प्रतिक्रिया नहीं दी है। स्कूल शिक्षा विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा उन स्कूलों को भी नोटिस भेजा जाएगा, जो अभिभावकों से डेवलपमेंट फीस या स्टेशनरी फीस मांग रहे हैं।

फीस नहीं बढ़ाने का किया था अनुरोध

दरअसल, राज्य के शिक्षा मंत्री ने 8 अप्रैल को सभी निजी स्कूलों से फीस नहीं बढ़ाने का अनुरोध करते हुए कहा था कि उनके विभाग को संकट की इस घड़ी के दौरान फीस बढ़ाने को लेकर कई परिजनों की ओर से शिकायतें मिली हैं। 2 दिन बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी की थी। इस विषय पर एक अधिकारी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों के दौरान कुछ निजी स्कूलों ने फीस बढ़ाने के फैसले को ठंडे बस्ते में डालने की घोषणा की, लेकिन कई अन्य स्कूलों ने फीस में बढ़ोतरी करते हुए कहा कि अभिभावक एक निश्चित अवधि के दौरान ‘नेट बैंकिंग’ के जरिये बढ़ी हुई फीस जमा कर दें।

 10 जून तक बंद रहेंगे स्कूल, लेकिन मांग रहे हैं फीस

उन्होंने कहा कि फीस नहीं बढ़ाने वाले कुछ अन्य स्कूल अभिभावकों को मई तक डेवलपमेंट फीस या स्टेनशनरी फीस आदि का भुगतान करने के लिये कह रहे हैं, हालांकि स्कूल 10 जून तक बंद रहेंगे। अधिकारी ने कहा कि हम इन सभी घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं और कई अभिभावकों से संपर्क भी कर रहे हैं। जरूरत पड़ी तो हम संबंधित स्कूलों को स्मरण पत्र भी जारी करेंगे। इसके बाद हम आगे की कार्रवाई पर विचार करेंगे। हालांकि, अधिकारी ने उन स्कूलों का नाम बताने से इनकार कर दिया।

कुछ स्कूलों ने 20 फीसदी से अधिक बढ़ाये हैं फीस

उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के बीच कुछ स्कूलों ने एक और सदमा अभिभावकों दिया है। स्कूल बंद होने के बावजूद इन स्कूलों ने छात्रों के फीस में इजाफा कर दिया है। इस बारे में राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी से भी शिकायत की गयी है। यहां बता दें कि पार्थ चटर्जी ने सभी स्कूलों से आग्रह किया था कि वे इस बार अपने स्कूल फी में बढ़ोतरी न करें। कुछ स्कूलों ने इसे मान लिया। कुछ स्कूलों ने कम फीस बढ़ाया जबकि कुछ स्कूलों ने 20 फीसदी से अधिक फीस में बढ़ोतरी की है। इस बारे में एक जानेमाने स्कूल के कई अभिभावकों ने इसकी शिकायत शिक्षा मंत्री से की है। कुछ क्लासों के बच्चों के फीस में 20 फीसदी से अधिक बढ़ोतरी की गयी है। इसे कम करने के लिए स्कूल प्रबंधन को चिट्ठी भी इन अभिभावकों द्वारा लिखी गयी है। वहीं स्कूल प्रबंधन ने फीस को एप के माध्यम से स्कूल के अकाउंट में ट्रांसफर करने को कहा है।