दुनिया के तमाम देश आज कोरोना वायरस से लड़ रहे हैं, लेकिन सबके सामने समस्या यही है कि लोगों की जान बचाने की कोशिश में कहीं सारे काम-धंधे न ठप पड़ जाएं और लोगों री जीविका न जाती रहे। दुनियाभर में कोरोना मरीजों की संख्या 24 लाख के पार हो चुकी है, वहीं, इस जानलेवा वायरस से 1 लाख 65 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 17 हजार को पार कर गया है। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल मरीजों की संख्या 17 हजार 265 हो गई है। इसमें 543 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2547 लोग ठीक हो चुके हैं।

हर राज्य के सामने इस वक्त कोरोना से निपटने की चुनौती है तो वहीं दूसरे राज्यों से बेहतर करने का टास्क भी है। लेकिन इन सब के बीच एक चौंकाने वाली बात ये है कि भारत के आधे हिस्से में अभी भी यह वायरस नहीं पहुंच सका है। देश के कुल 736 जिलों में से 411 जिलों में कोरोना के मामले सामने आए हैं। रविवार तक 325 जिलों में कोरोना का कोई मामला सामने नहीं आया था।

18 जिलों में 46 फीसदी मरीज

18 जिलों में संक्रमित मरीजों की संख्या में से 46 फीसदी मरीज सामने आए हैं। ऐसे में सरकार के लिए कोरोना से लड़ने के लिए इन जिलों पर ध्यान लगाने में आसानी हो रही है। आज से कुछ राज्यों में लॉकडाउन में ढील भी दी गई है। 

इन शहरों में 50 फीसदी केस

मुंबई (महाराष्ट्र), इंदौर (मध्य प्रदेश), हैदराबाद (तेलंगाना), रांची (झारखंड) और खुर्दा (ओडिशा) में अपने राज्यों के 50 फीसदी से ज्यादा मामले हैं। वहीं, दिल्ली और तमिलनाडु को छोड़ दिया जाए तो सभी राज्यों के 25 फीसदी से ज्यादा मामले उनके सबसे अधिक प्रभावित एक जिले से हैं।