उत्तर भारत में लगातार दस दिनों से सक्रिय प्री मानसून में ठहराव चल रहा है लेकिन अब एक बार फिर से मैदानों व पहाड़ी राज्यों पर भारी बौछारें गिरने के आसार नजर आ रहे हैं। इस वर्ष अप्रैल में सभी राज्यों में बारिश औसत से बहुत अधिक है व अनुमान है कि आने वाले कुछ सप्ताह में बारिश की कमी नहीं होगी। यही कारण है कि पारा औसत 40°C से ऊपर नहीं पहुंच रहा है, उस से पहले ही फिर से बारिश का दौर सक्रिय हो जाता है। 

आगामी चार-पांच दिनों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू कश्मीर व लद्दाख में मध्यम बारिश की उम्मीद है तो कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है जबकि राजस्थान (दक्षिण को छोड़कर) , मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़,विदर्भ, मराठवाड़ा,झारखंड व बिहार में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है तो कुछ स्थानों पर बादलों में ज्यादा फूटाव के कारण भारी बारिश भी हो सकती है। 

प्रभावी मौसमी गतिविधियां

बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है।

तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने की घटनाएं होंगी।

हवां की रफ़्तार बारिश के दौरान औसतन 20-40km/hr  तक जा सकती है।

राजस्थान व हरियाणा के दक्षिणी भागों में धूल भरी आंधी आने की उम्मीद है। 

मौसम गतिविधियां के अनुसार सटीक समय

3 मई की रात से मौसम हलचल शुरू हो सकती है।

4 व 5 मई  को मौसम गतिविधियां अपने चरम पर होगी।

6 मई की रात्रि से मौसम साफ होने लगेगा। 

खेती सलाह

राजस्थान

राजस्थान में अब फसल कटाई लगभग निपट चुकी है। अत:,अब यहाँ मानसून व गर्मियों के बीच में उगाई जाने वाली फसलों की बूआई शुरू हो गई है। आने वाले कुछ दिनों में हमें राजस्थान के दक्षिणी जिलों को छोड़कर बाक़ी सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है जबकि उत्तर-पूर्व के एक-दो स्थानों रजपर भारी बारिश भी हो सकती है। अतः, ये समय बुआई के लिए बिलकुल अनुकूल होगा व किसानों को बिजाई शुरू करने के लिए सलाह दी जाती है। इस दौरान फल व सब्जीयों के पौधों को ओलावृष्टि से नुकसान हो सकता है । बारिश के दौरान हवां की रफ़्तार 40-50 Km/hr  तक रह सकती है  जो न कटी हुई फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। इस बारिश के दौर से एक दिन पहले तक किटनाशक के छिङकाव से बचे क्योंकि दवाई बारिश के वैघ से धूल जायेगी। 

पंजाब_हरियाणा

पंजाब व हरियाणा के किसानों को सलाह दी जाती है कि फसल की कटाई निपटा लें एवं आने वाले कुछ दिन बुआई के लिए बेहतर है। इन दोनों ही राज्यों में 20-25mm बारिश का अनुमान है, जहाँ पश्चिमी हरियाणा में 10-15mm, पूर्वी व दक्षिणी हरियाणा में 20-25 mm  की बारिश का अनुमान है। पंजाब में 20-40 mm बारिश के आसार हैं। इन राज्यों में फल व सब्जी के किसानों को ओलावृष्टि से नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। यहाँ बारिश के दौरान हवां की रफ़्तार 30-45km/hr तक जा सकती है जिसके कारण बिना कटी हुई फसलों को नुकसान हो सकता है। इस बारिश के दौर के एक दिन पहले किटनाशक के छिङकाव से बचे। 

मध्यप्रदेश

राज्य में इस दौरान सभी जिलों में हल्की बारिश की उम्मीद है जबकि उत्तरी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे बुआई इस दौरान शुरू कर सकते हैं क्योंकि ज्यादा बारिश की हमें उम्मीद नहीं लगती तो स्थानीय सिंचाई का प्रयोग लेकर आप थोड़ी बहुत बारिश (10-15mm)से फायदा ले सकते हैं। यहाँ बारिश के दौरान हवां की रफ़्तार 20-30km/hr तक जा सकती है तो कटी हुई फसलों एवं फल व सब्जी के पौधों को नुकसान हो सकता है। किटनाशक का छिङकाव करने से बचे । 

उत्तर प्रदेश

राज्य में लगातार कुछ दिनों से बारिश का दौर रूक-रूक कर जारी है। आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता के साथ साथ फैलाव में भी बढ़ोत्तरी होगी एवं सम्पूर्ण जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है तो तराई वाले क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी देखने को मिल सकती है। किटनाशक के छिङकाव करने से बचे । 

NOTE: हम जिलेवार मौसम विश्लेषण नहीं कर रहे हैं क्योंकि इस बार बारिश का फैलाव अधिक है. अत:, राज्य के जिस भाग में जैसी गतिविधियां बताई गई है, उसी प्रकार वहाँ स्थित जिलों में मौसम गतिविधियां होंगी जैसे दक्षिणी हरियाणा यानि रेवाड़ी व आसपास के जिलें।