वर्तमान में समस्त भारतवासी कोरोना महामारी के कारण घरों में रह रहे है। कोरोना इतनी गम्भीर बीमारी है कि देश के प्रधानमंत्री द्वारा स्वयं पहल कर लोकडाउन किया था, जो वर्तमान में भी चल रहा है। इस दौरान भारतीय घर में बैठे बोर हो रहे है और समय व्यतीत करने के लिए वह टिकटाॅक, फेसबुक, लूडो आदि सोशल साईटों का उपयोग कर रहे है। परंतु लूडो आदि पर समय व्यतीत करने के चक्कर में आप जेल भी पहुंच सकते हैं।

आपको बता दे कि यह गेम भारत में बहुत तेजी से लोकप्रिय हुआ है, इसकी लोकप्रियता लोकडाउन के मध्य ओर ज्यादा हुयी, और इसका फायदा सट्टेबाज उठाने लगे है। यह गेम अब सट्टेबाजी का नया अड्डा बन गया हैं। सट्टेबाजों द्वारा आपको लूडो या अन्य किसी गेम के ग्रुप में अचानक से व्हाॅटसएप या टेलीग्राम के माध्यम से एड कर दिया जाता है। ऐसे में यूजर्स यह सोचता है कि यह लूडो खेलने वालो का ग्रुप है, इसमे ज्यादा मजा आयेगा। सट्टेबाज इस ग्रुप में जोड़ते ही एक लिंक सेंड करते है, इसके बाद एडमिन द्वारा कोड प्रदान किया जाता है, जिसमे चार लोग अन्य स्थानों पर रहकर लूडो खेलते है और ग्रुप के अन्य लोग शर्त लगाते है। जीतने वाले से एडमिन कमीशन लेता है और शर्त में लगे पैसे अलग-अलग लोगों में हार-जीत के हिसाब से बाँट दिए जाते हैं। यहां एक बात बता दी जाये कि इन गेम्स में लाखों रूपयो तक का सट्टा लगाया जाता है। हाल ही में मध्यप्रदेश प्रांत के छिंदवाड़ा में इस तरह का फर्जी गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा है। पुलिस को सूचना मिली थी, जिसके आधार पर पुलिस ने इस गिरोह को पकड़ने के लिए अपने एक मुखबिर को इस गु्रप में जोड़ने के लिए तैयार किया, परंतु सूचना लिक हो गयी और एडमिन को संदेह हो गया तो मुखबीर द्वारा पुलिस को कोड हासिल करने में सफलता नहीं मिल पाई।

बाद में पुलिस ने ग्रुप के दो साथियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और पुलिस द्वारा कामयाबी हासिल करते हुये एडमिन के साथ-साथ दो ओर लोगो को पकड़ लिया। पकड़े गये तीनो व्यक्तियों पर जुआ अधिनियम के तहत कार्यवाही की गयी, वहीं पुलिस को बाकी सदस्यों की भी तलाश है।