आठ से ज़्यादा लोगों को निग़ला, दस हज़ार से ज़्यादा लोग प्रभावित

क़ुदरत शायद लोगों से कुछ ज़्यादा ही ख़फ़ा है। दुनिया में पहले ही कोरोना का कहर है ऐसे में आंध्र प्रदेश में पॉलीमर फैक्ट्री से गैस के रिसाव ने 8 से ज़्यादा लोगों को मौत की नींद सुला दिया है।  आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनममें एक फार्मा कंपनी में गैस लीकेज की घटना सामने आई है। यह हादसा गुरुवार सुबह में हुआ। तकरीबन 10 हजार लोगों के इससे प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। जहरीली गैस के संपर्क में आने से फिलहाल 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी है। कई लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा पशुओं पर भी इसका सीधा असर देखने को मिला है।

प्रदेश के विशाखापट्टनम जिले में स्थित हिंदुस्तान पॉलिमर कंपनी के एक प्लांट से गुरुवार रात 3 बजे के आसपास गैस लीक होना शुरू हुआ। इसके बाद पूरे शहर में स्थिति बेहद गम्भीर है। अभी भी हालत नियंत्रण में नहीं है। स्थानीय प्रशासन और नेवी ने फैक्ट्री के पास के गांवों को खाली करा लिया है। बताया जा रहा है कि आरआर वेंकटपुरम में स्थित विशाखा एलजी पॉलिमर कंपनी से खतरनाक जहरीली गैस का रिसाव हुआ है। इस जहरीली गैस के कारण फैक्ट्री के तीन किलोमीटर के इलाके प्रभावित हैं। फिलहाल, पांच गांव खाली करा लिए गए। सैकड़ों लोग सिर दर्द, उल्टी और सांस लेने में तकलीफ के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।सुबह में इधर-उधर भागने लगे लोगजानकारी के अनुसार, गुरुवार को सुबह तीन बजे के आसपास प्लांट से गैस लीक होना शुरू हो गया था। प्लांट से गैस के रिसाव के कारणों के बारेमें अभी पता नहीं चल पाया है। कई लोग गश खाकर सड़कों पर गिर पड़े है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने प्रभावित इलाकेके लोगों से घर से बाहर निकलने और सुरक्षित ठिकानों पर जाने की अपील की है। शुरुआत में यहतीन किमी के रेडियस में फैला। इसके बाद लोग बदहवाश होकर घरों से बाहर निकल आए और सेफ ठिकानों की तलाश में इधर-उधर भागने लगे।दिमाग पर सीधा असर करती है ये गैसफिलहाल, राज्य सरकार प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में काम में लगी है। लोगों को गीला मास्क पहनने के लिए कहागया है, ताकि गैस के जहरीले प्रभावों से बचा जासके। एक्सपर्ट्स ने बताया कि स्टीरीन हवा के साथ मिलकर जहरीली गैस में बदल जाती है। यह दिमाग और स्पाइन पर असर करती है। फेफड़ों पर बुरा असर पड़ने के कारण 10 मिनट के भीतर प्रभावित शख्स की मौत भी हो सकती है।5 हजार लोग आए चपेट मेंयहां एक बच्ची समेत 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इसके अलावा 5000 से अधिक लोग बीमार हो गए हैं जिन्हें अस्पताल ले जाया गया था। कई लोग अभी भी सड़कों पर बेहोश पड़े हुए हैं और कई आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ बता रहे थे। गौरतलब है कि गुरुवार को आंध्र आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में स्टीरीन गैस लीक होने से भारी तबाही मच गई है। 40 दिन बाद कम्पनी के परिचालन की चल रही थी तैयारी कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि सुबह तकरीबन 9 बजे तक गैस लीकेज को ठीक कर लिया गया था। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के फैलाव को रोकने के लिए देश भर में लॉकडाउन का ऐलान होने के बाद कंपनी को भी बंद कर दिया गया था। गुरुवार को 40 दिन के बाद कंपनी के परिचालन की तैयारी चल रही थी। इसी बीच यह बड़ा हादसा हो   गया। उन्होंने बताया कि फिलहाल, प्लांट में सभी तरह के परिचालन को स्थगित कर दिया गया है।  …शान आलम एड.