लगता  है अब समय आ गया है कि जब हम सभी लोगो को सेक्स eduction पर बात करना चाहिए और उसे syllabus में भी शामिल करने का समय आ गया है, केवल syllabus में ही नही drawing room डिस्कशन में भी सेक्स पर बात होनी चाहिये और बच्चों को सेक्स के बारे में सही और गलत के बारे में जानकारी हो और उनके सभी सवालों के जवाब देने चाहिए । जिस प्रकार समय अनुसार सारी चीज़ो मे परिवर्तन आया इसी प्रकार से हमारे समाज के लोगो का सेक्स eduction पर कोई परिवर्तन नही आया। आज भी सेक्स एक टैबू है । समाज के इस दौर में टीनेजर बच्चो में  सेक्स को लेकर जानने की बहुत क्यूरियोसिटी होती है, जानकरी न मिलने के कारण आज बॉयज लॉकर रूम  जैसी घटनाओ की उत्तपत्ति होती है। 

हमारे समाज का प्रचलन है कि सेक्स का नाम सुनते ही पता नही कौन सा पाप हो जाता है वो भी उस देश में जहाँ ‘कामसूत्र’ जो सेक्स पर लिखी विस्तृत किताब है, संत और दार्शनिक ओसो की धरती पर जिनका पूरा जीवन सेक्स eduction और उसको बढ़ावा देने में व्यतीत हो गया। कितनी विडंबना की बात है कि ओसो और कामसूत्र की धरती पर सेक्स से जुड़ी बात करने में शर्म आती है जबकि हम सभी मनुष्य की उत्पत्ति ही सेक्स के नींव पर आधारित है। हम अपने बच्चों को सच बताने से कतराते है उसी के कारण आजकल छोटे छोटे बच्चे स्कूल कॉलेज में चोरी छुपे सेक्स की बाते करते हैं, पता नही कितनी गलत और भ्रामक जानकरी के कारण गलत चीज़ो से संलिप्त होते हैं जिसके कारण उनके मानशिक रूप से तनाव में रहने का डर होता है, कही माता पिता को इन चीजों पता न चल जाये, और कुछ लोग बच्चों को उसका डर दिखा कर  ब्लैकमेल करते है और नाजायज फायदा उठाते हैं। अगर हम बात नही करेंगे सेक्स के बारे में तो बच्चों से पता नही कौन उनको क्या उल्टा सीधा बता और समझा दे ऑनलाइन पता नही कौन कौन सा कटेंट पढ़ कर पता नही क्या समझ ले और #बॉयज लॉकर रूम के जैसे बच्चे अपराधी बन जाएंगे। इतना ही नही उन सबको मोबाइल, फ़ोन, कंप्यूटर, आइपैड इत्यादि देने के साथ उन्हें यह भी जनकारी दे कि क्या सही है  और क्या गलत, क्या देखना, क्या पढ़ना, साथ साथ अचानक सभी चीजों को चेक करना और उनके साथ हर दिन कुछ समय बिताना और समाज के सभी पहलुओ पर बात करना उसमे सेक्स भी शामिल हो और बच्चों के लिये घर मे बच्चों के दोस्तो के साथ पार्टी हो जिससे बच्चों को सामाजिक और मानशिक रूप से समझा जा सके और सेक्स से जुड़ी जानकारी उन सबको समझाया जा सके ।अगर हम कानूनी पहलुओ की बात करे तो सेक्स पर बात, समाज मे तार्किकता और अंधविश्वास को हटाना हमारा संविधानिक धर्म है। जिस प्रकार आज भी सेक्स की जानकारी न होने पर पता नही कितनी हमारी माँ और बहने लाखों कि संख्या में सेक्स संबंधी समस्याओं से परेशान रहती हैं।महिलाओं के जीवन मे सबसे जरूरी चीज सेनेटरी पैड जो कि वो दुकान पर खुले में लेने से हिचकिचाती है और घर के पुरुषों से भी नही मंगवाती हैं ।

अजीत कुमार वर्मा

9565454751 एकघरा पोस्ट रायगंज जिला बहराइच