Home बड़ी ख़बरें पानीपत में लड़कीयों की पहचान कराती ‘नई सोच सोशल एंड वैलफेयर सोसायटी’

पानीपत में लड़कीयों की पहचान कराती ‘नई सोच सोशल एंड वैलफेयर सोसायटी’

‘घर की पहचान, बेटियो के नाम’ नामक नारे से बेटियों को मिली नयी पहचान

भारत की जनसंख्या वर्ष 2018 के अनुसार 135.26 करोड़ है, हमारे से ज्यादा जनसंख्या केवल चीन प्रांत की है। इतनी ज्यादा जनसंख्या वाले देश में नीती आयोग की अधिकृत वेबसाईट के अनुसार 92,039 एन.जी.ओ. संचालित है, जिसमे 12,467 एन.जी.ओ. की संख्या के साथ उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर काबिज है, व दूसरे स्थान पर 12,257 की संख्या के साथ महाराष्ट्र काबिज है, वहीं सबसे न्यूनतम मात्र 2 की संख्या के साथ लक्षदीप है। आपको बता दे कि एन.जी.ओ. का मुख्य कार्य सामाजिक सेवा होता है, परंतु कई एन.जी.ओ. ऐसे भी होते है जो केवल अपना नाम प्रसिद्धि के लिए ही कार्य सम्पन्न करती है, उनके सदस्यों का एकमात्र उद्देश्य केवल अपनी ख्याति अर्जित करना होता है, उनके द्वारा सामाजिक कार्यो में कोई रूचित किसी प्रकार की नहीं ली जाती, बल्कि उनका उद्देश्य यह होता है कि वह इस दौरान कुछ आय भी प्राप्त कर सके, जिस कारण एन.जी.ओ. का वास्तविक अर्थ पूर्णतः समाप्त हो जाता है।

इसके अतिरिक्त कई सामाजिक संस्थाएं ऐसी भी है, जो एन.जी.ओ. के सही अर्थ को समझती है, ऐसी ही एक संस्था है ‘‘नई सोच सोशल एंड वैलफेयर सोसायटी’’। हरियाणा प्रांत के पानीपत से संचालित यह संस्था ‘NGO’ होने की सही परिभाषा को प्रदर्शित करती है।

स्कूल मेें बालिकाओं को नेम प्लेट वितरित करते संस्था के सदस्य

यहां आपको बताना यह महत्वपूर्ण होगा कि इसकी सोसायटी की अध्यक्ष एक महिला है, जिन्होंने अपनी माता से प्रेरित होकर ही अपने छोटे भाई के साथ मिलकर इस संस्था का निर्माण किया। हम बात कर रहे है शीतल शर्मा की, उनकी माता द्वारा अपने ससुराल मध्य प्रदेश में आँनलाईन बात करते हुये देखा कि वहां पर गेट के बाहर लगी परिचय प्लेट पर घर के मुखिया के अतिरिक्त महिलाओं को बढ़ावा देने हेतु घर की लड़कीयों का नाम भी लिखा हुआ है। बस यहीं बात शीतल शर्मा को घर कर गयी और उन्होंने अपने भाई के साथ पानीपत में लड़कीयों के मान को बढ़ावा व उनको किसी परिचय का मोहताज न बनने हेतु इस मुहिम को शुरू किया और देखते-देखते पिछले तीन वर्षो में शीतल व उनकी टीम द्वारा महानगर में लगभग 800 नेम प्लेट पर घर की लड़कीयों के नाम लिखकर उनके गेट पर लगवा चुकी है।

एक बात अविश्वसनीय है कि संस्था की अध्यक्षा शीतल शर्मा वर्तमान में स्वयं किराये के मकान में निवास करती है, जिस कारण वह अपने घर पर कोई परिचय प्लेट नहीं लगवा सकी, परंतु उनकी इस छोटी सी मुहिम से पानीपत की कई लड़कीयों को एक नई पहचान मिली है।

शीतल शर्मा से हुयी वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि हमारी संस्था एक रजिस्टर्ड संस्था है, जिसमे करीब 40 सदस्य कार्यरत है, मैं स्वयं इस संस्था की अध्यक्षा, मोहित शर्मा, महासचिव व कविता, कोषाध्यक्ष के रूप में तैनात है। हमारी संस्था द्वारा अपनी मुहिम की शुरूआत ‘घर की पहचान, बेटियो के नाम’ नामक से की थी, जिसमें हमारे द्वारा पानीपत के प्रत्येक वार्डो में लड़कीयों के नाम से नेम प्लेट उनके मैन गेट पर स्थापित करायी, इस दौरान वार्डवासियों द्वारा भी हमारी संस्था का इस नेक कार्य हेतु पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। यहां तक कि स्वयं वार्डवासियों द्वारा इस मुहिम से प्रेरित होकर हमारी संस्था के सदस्यों को फोन कर अपनी बेटियों को पहचान देने हेतु अपने घर के बाहर नेम प्लेट लगवाने हेतु अभिकथित किया गया।

यशिका पुत्री अमन खुराना के मुख्य द्वार पर परिचय प्लेट लगाती अध्यक्षा शीतल शर्मा

इसके अतिरिक्त हमारी संस्था प्रत्येक त्यौहार गरीब परिवारों के बच्चों के साथ मनाते है, हमारी संस्था स्वयं अपनी पहल पर ही त्यौहार से एक दिन पूर्व उन्हें कपड़े पहुंचाते है और अगले दिन तय समय पर वह बच्चे उन कपड़ों में होकर हमारे साथ त्यौहार को मनाते है। इस दौरान हमारी संस्था के सदस्य त्यौहार पर उपयोग होने वाले समस्त सामान भी उनके घर पहुंचवाते है। वर्तमान में लाॅकडाउन 4.0 प्रारंभ हो चुका है, जो 31 मई तक चलेगा, लाॅकडाउन के कारण सभी के काम धंधे बंद है। यहां कुछ ऐसे भी परिवार है जो प्रतिदिन की आय पर ही अपना गुजारा-भत्ता चलाते थे, परंतु लाॅक डाउन के कारण उनके जीवन पर संकट आन पड़ा। इसी क्रम में इस संकट को महानगर नई सोच सोशल एंड वैलफेयर सोसायटी द्वारा महसूस किया जा रहा है। अब लाॅक डाउन की परेशानी को देखते हुये नई सोच सोशल एंड वैलफेयर सोसायटी द्वारा इन गरीब तबके के परिवारों के लिए कच्चा राशन वितरित कराया गया, व घर का बना हुआ खाना भी मुहैय्या कराया।
इसके अतिरिक्त हमारे द्वारा पानीपत में महिलाओं से सम्बन्धित समस्त कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया जाता है, वहीं हमारी संस्था पानीपत के अतिरिक्त मध्यप्रदेश में भी कार्यरत है व अन्य राज्यों में भी महिलाओं को बढ़ावा देने हेतु संस्था विचार कर रही है, जिसपर जल्द ही अमल किया जायेगा। इस दौरान कुशल नागपाल, मोना शर्मा, गगन दत्त, मनोज चोहान, पूजा, फतेह, ज्योति, अनुराग चुग, दीपक, संजीव वशिष्ठ, सनिता गोयल आदि सदस्य मौजूद रहे।

Presented by Editor in Chief Mr. Himanshu, Noida

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