26 मई 2020 को प्रातः 11:00 बजे सभी कुर्मी समाज जिलाधिकारी कार्यालय पर उपस्थित होकर महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश के नाम पर प्रदेशव्यापी ज्ञापन सौपेगे

प्रतापगढ़। पट्टी में दिनांक 22 मई 2020 को ग्राम सभा भुई सहित कई गांव के मनुवादी दबंगों ने परसदे गोविंदपुर निवासी  कृषक कुर्मी समाज की महिलाओं, अबोध बच्चों, बुजुर्गों और जानवरों को लहूलुहान कर दिया। पुलिस की उपस्थिति में घरों मे  आग लगा कर जमकर किया तोड़फोड़ और लूटपाट। बेजुबान मवेशियों को भी नहीं बख्शा किया आग के हवाले। स्थानीय आतताई दबंग नेता के इशारे पर पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से दबंग मनुवादियों द्वारा की गई इस बर्बरता पूर्ण कार्यवाही की अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा कड़ी निंदा करती है तथा शासन व प्रशासन से मांग करती है कि कृषक कुर्मी परिवार के निर्दोष गिरफ्तार बुजुर्ग, महिलाओं, बच्चों एवं युवाओं को तत्काल रिहा किया जाए तथा अपराधियों की सुसंगत धाराओं में गिरफ्तारी कर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए! अन्यथा अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश, प्रदेश व्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

इस मामले को लेकर कुर्मी समाज दिनांक 26 मई 2020 को प्रातः 11:00 बजे सभी जिलाधिकारी कार्यालय पर उपस्थित होकर महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश के नाम पर प्रदेशव्यापी ज्ञापन देगा। यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो प्रदेश के सभी कृषक परिवार की जनता प्रतापगढ़ पट्टी के लिए कूच करेगी तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा लगातार आंदोलन करेगा।

स्थानीय लोगों से जानकारी प्राप्त हुई कि परसदे गोविंदपुर गांव के पीड़ित कुर्मी कृषक परिवार नन्हे वर्मा के खेत में भुई निवासी दबंग राम आसरे तिवारी के लोगों ने अपने छुट्टा जानवरों को हांक दिया। जिसका कृषक नन्हे वर्मा के घर के सदस्यों ने विरोध किया। जिस पर दबंगों के साथ काफी नोकझोंक हुई। इसी दौरान किसी ने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दे दिया। पुलिस मौके पर पहुंची और सुलह समझौता करने की बात चल ही रही थी कि इसी समय जानकारी मिली कि गांव से थोड़ी दूर पर मनुवादी दबंगों ने रास्ते में कृषक परिवार के एक व्यक्ति को मारपीट दिया है इस पर आवेशित कृषक कुर्मी परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और उन लोगों तथा दबंग लोगों से काफी कहासुनी हुई और पुलिस की लापरवाही के कारण कृषक परिवार की पुलिस वालों से भी काफी नोकझोंक हुई। इसके बाद मामला शांत हो गया।

दूसरे दिन एक स्थानीय मंत्री के इशारे पर मनुवादियों ने कई गांव के दबंग लोगों को एकत्रित कर पुलिस की मिलीभगत से गोविंदपुर निवासी कृषक कुर्मी परिवार नन्हे पटेल के घर पर अचानक धावा बोल दिया। पीड़ित कृषक परिवार की  महिलाओं, बच्चों बुजुर्गों एवं युवाओं को बुरी तरह से मारा-पीटा व लूटपाट किया।  घरों में आग लगाकर मवेशियों को भी आग के हवाले कर दिया। पुलिस इस दौरान मूक दर्शक बनकर तमाशा देखती रही। जब दबंग मनुवादी घटना को अंजाम देकर फरार हो गए तब पुलिसिया तांडव चालू हुआ। इसके बाद पुलिस वालों ने कृषक परिवार नन्हे पटेल के परिवार के महिलाओं, बच्चों बुजुर्गों और युवाओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा तथा लगभग 30 लोगों को  गिरफ्तार कर थाने में बंद कर दिया, जिनमें 10 महिलाएं हैं।

पुलिस प्रशासन पर स्थानीय दबंग मनुवादी नेताओं का इतना दबाव था कि पुलिस दबंग मनुवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित कृषक परिवार के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर उन्हें ही प्रताड़ित कर रही है।