बाबू सिंह एड.

उन्नाव। गलवान घाटी लद्दाख में हुई भारत चीन झड़प सिर्फ आज की ही नहीं यह पूर्व से ही व्यवहारिक चीनी चरित्र है। उक्त वक्तब्य पूर्व सैनिक सेवा परिषद जिला अध्यक्ष संजय सिंह फौजी ने दिया । उन्होंने कहा परिषद मजबूती के साथ विरोध करते हुए आज चीनी सामान का बहिष्कार करती है एवं भारत चीन के काल कपोल भाईचारे का खंडन करती है। 1962 से 2020 तक 58 वर्षों में चीन ने केवल विश्वासघात ही किया है हम पहले भी कहते आए हैं कि पाकिस्तान और चीन भारत के सबसे बड़े दुश्मन हैं जिसमें धोखेबाज चीन बड़ा भाई रहा है जिससे हमें अधिक अपेक्षा नहीं करनी चाहिए मेरा अपने देश वासियों के साथ-साथ अपने प्रधानमंत्री से अपील है कि धीमे-धीमे ही सही इनके सामान का पूर्णरूपेण बहिष्कार करना चाहिए हमारा गया हुआ धन हमारे ही विरुद्ध चीनी फौज को मजबूत करने के काम आता है यह बात हमें गंभीरता से सोचना चाहिए । हमारी फौज का आत्मबल हमारी फौज की व्यूह रचना दुनिया के बेहतरीन सैनिकों में गिनी जाती है इसलिए हम पूर्व सैनिक अपने प्रधानमंत्री की तरफ आशा भरी नजरों से देख रहे हैं हम पूर्व सैनिक अभी तक हुई कार्यवाही से संतुष्ट नहीं हैं देश अपने शहीद सैनिकों के बदले कुछ और सुनना चाहते है। देश को यदि आवश्यकता पढ़े तो हम पूर्व सैनिक सेवा परिषद के पूर्व सैनिक सदस्य आज भी लड़ाई पर जाने के लिए तैयार हैं प्रधानमंत्री जी आदेश करें हम हाज़िर है । इस मौके पर पूर्व सैनिक सेवा परिषद उन्नाव के पूर्व सैनिकों ने सोल्जर बोर्ड शहीद स्मारक पर चीनी विरोध में कैंडल जलाकर पुष्प अर्पित कर अपने वीर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि दी वहीं से मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च चीनी विरोध में मार्चअप किया एवं प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन ए डी एम राकेश कुमार गुप्ता को दिया। इस मौके पर प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष संजय सिंह फौजी के साथ शमशेर सिंह वी डी शुक्ला, जितेंद्र कुमार सिंह अशोक कुमार मिश्रा सतवंत सिंह राजेश सेंगर आर् एन तिवारी प्रेम कुमार शुक्ला रामबालक यादव अब्दुल खालिक साहब सतपाल सिंह सुधीर सिंह चौहान राम सिंह सेंगर विष्णु कुमार गौड़ जितेंद्र प्रताप सिंह मन बहादुर सिंह राजकुमार सिंह आशुतोष मिश्रा अवध राज सिंह विनय प्रताप सिंह श्याम बाबू यादव मनोज सिंह राजीव कुमार सिंह अजय पाल भदोरिया आदि पूर्व सैनिक मौजूद रहे।