मैंने एक जूता कंपनी में 18 साल तक काम किया, वहाँ पर सिर्फ जूते ही बनते थे,और बात बात पर सिर्फ जूते ही चलते थे जब जूते बनते थे तो क्वालिटी और साइज़ देख कर बड़े ध्यान से बनते थे लेकिन जब चलते थे तो बिना साइज़ और बिना क्वालिटी के बे भाव चलते थे। जूते चलने के बाद आधे घंटे तक तो ये पता ही नहीं चलता था की जूता कौन है और कर्मचारी कौन है,दोनों ही एक जैसे लगते थे।तो इतने सालों तक जूता कंपनी में काम करते करते हमको अपनी शकल भी साली जूते जैसी ही दिखाई देने लगी,कभी कभी आईने में मैं अपने आप को देखता था तो मुझे लगता था  की सामने मैं नहीं हूँ सात नंबर का जूता खड़ा है,और मेरे पैर का साइज़ भी सात नंबर है।सुबह सुबह ऑफिस जाने के लिए जब बालों में कंघी करो तो ऐसा लगता था जैसे की जूते में पालिश कर रहे है,गले में टाई लगाओ तो लगता था की जैसे जूते का फीता बांध रहे है। जूता कंपनी में काम करते करते सब लोग हमारा नाम भूल गए और हमको जूते के साइज़ या उसके ब्रांड नाम से हमको बुलाने लगे।कंपनी के जी एम साब बाटा कह कर पुकारने लगे,तो कुछ हमको रेड टेप कहने लगे,कोई रेड चीफ कहने लगा तो कोई सात नंबर के नाम से बुलाने लगा। कोई कर्मचारी अगर हमें मार्केट में देख लेगा तो दूर से ही चिल्ला कर बोलेगा,और क्या हाल चाल है सात नंबर। उन्ही दिनों हमारी शादी तय हो गयी ,लेकिन गलती से लड़की वालो के पास हमारी फ़ोटो की जगह सात नंबर जूते का फ़ोटो पहुँच गया,तो हमारे होने वाले ससुर जी फ़ोन करके हमसे कहने लगे,अरे दामाद जी ये क्या भेज दिया ,ये तो जूते का फ़ोटो है,तब हमने कहा ,जी कोई बात नहीं लड़का और जूता दोनों बराबर है दोनों खूबसूरत है और दोनों ही साफ़ कलर के है।तब ससुर जी ने कहा ,मगर हमको अपनी लड़की की शादी इंसान से करनी है जूते से नहीं,हमारी लड़की का नाम ,तृप्ति है अब आप ही बताएं की हम शादी के कार्ड में क्या छपवाये, तृप्ति वेड्स जूता। उसके बाद मज़बूरन हमको अपनी फ़ोटो भेजनी पड़ी उसके बाद हमारी शादी हुई, आज शादी हुए 17 साल हो चुके  है लेकिन हमारे अंदर इतना ज्यादा फिजिकल पावर आ गया है की अब फीमेल तो फीमेल ,मेल भी हमारे पास आने से घबराने लगे है,उनको शायद इस बात का डर लगा रहता है की कहीं हम उनके साथ कोई नया एक्सपेरिमेंट न कर बैठे। बहराल इतने सालों तक जूता कंपनी में काम करने के बाद हमको एक चीज़ का बड़ा ही जबरदस्त फ़ायदा हुआ है की हमको अब पूरी ज़िन्दगी में कभी भी मिर्गी की बीमारी नहीं होगी।