एलाटास के अनुसार “आधुनिकीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा संबंध समाज में अधिक अच्छे व संतोषजनक जीवन के अंतिम लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से आधुनिक ज्ञान को पहुंचाया जाता है”। 

आधुनिकीकरण   से   तात्पर्य   सतत्   एवं   लगातार   होने   वाली   क्रिया   से   है। जीवन को नयी और तेज़ गति देने का श्रेय आधुनिकीकरण को ही जाता है क्योंकि इसने लोगों के समस्त कार्यों को तीव्र गति से आगे बढ़ाने का प्रयास किया। आधुनिकीकरण कोई दर्शन या आन्दोलन नहीं है जिसमें स्पष्ट मूल्य व्यवस्था हो। 

यह तो मनुष्य के परिवर्तन की प्रक्रिया हैं जिसमें समय की उपयोगिता सिद्ध होती हैं। 

आधुनिकीकरण शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम पश्चिमी समाजों से प्रारम्भ हुआ।

आधुनिकीकरण प्रत्येक क्षेत्र में होने वाला परिवर्तन है न कि किसी क्षेत्र विशेष में होने वाला परिवर्तन हैं।

सकारात्मक पहलू – मानव समाज की समस्त मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति आधुनिकीकरण अत्यन्त समृद्ध ढंग से कर रहा हैं।

यथार्थ में आधुनिकीकरण ने पूर्व समय के धीमी गति को अत्यंत व्यापक रूप से तेज़ किया है।

आज आधुनिकीकरण ने संचार के क्षेत्र में जो वृद्धि वो पूर्व समय के लोगों के लिए काल्पनिक प्रतीत होती हैं। शिक्षा व संचार के माध्यमों को सभी लोगों तक पहुंचाने का कार्य आधुनिकीकरण का ही हैं

नकरात्मक पहलू =आधुनिकीकरण में अनायास सब कुछ प्राप्त करने की चाह रखने वाले मनुष्य ने प्रकृति की नींव तक में प्रहार कर दिया है!

आज हम एयर कंडीशनर में बैठकर केवल सोशल मीडिया पर ही पर्यावरण बचाओ की पोस्ट शेयर करते ! आधुनिकीकरण ने वन्यजीवों के साथ साथ वातारण को भी प्रभावित किया है।

कोई बेज़ुबान वन्य प्राणी (बाघ, चीता इत्यादि) आपके शहर अथवा गाँव में आ जाता है तो उसकी हत्या यह कह कर दी जाती की ये हमारे निवास स्थान पर आ गया था हालांकि यथार्थ में तो मनुष्य ने उनकी जगह पर कब्जा कर रखा है!
आज का मनुष्य वन्य जीवों के साथ कुकृत्य करके अपनी जानवरता साबित कर रहा है।

कवि दशरथ प्रजापत