IAS भारत की सर्वश्रेष्ठ सेवा मानी जाती है जो सबसे कठिन परीक्षा UPSC को उत्तीर्ण करके प्राप्त की जाती हैं। देश के सभी जिलों में मुख्य भूमिका IAS अधिकारी की होती हैं उनकी सूझबूझ जिले के कार्यान्वयन में सहायता प्रदान करती हैं जिले का प्रशासन उनके द्वारा ही संचालित किया जाता है। 

जिला प्रशासन के पास असीम शक्तियाँ होती हैं जो ज़िले को मजबूती प्रदान करती है। जिला कलेक्टर अपने कुशल नेतृत्व से राजनीति के साथ सामंजस्य स्थापित करके सम्पूर्ण जिले में छोटे स्तर से लेकर ग़रीबी उन्मूलन का कार्य प्रारंभ कर सकते हैं। सर्वप्रथम प्रशासन को अपने कार्य क्षेत्र में आने वाले सभी गाँव व शहर के मुख्य – मुख्य व्यक्तियों को इसमें योगदान देने के लिए प्रेरित करना होगा।फ़िर छोटे स्तर पर लघु उद्योग का कार्य शुरू करना होगा जो पूर्ण रूप से स्वदेशी हो इससे आत्मनिर्भर भारत के सपने को भी मजबूती मिलेगी।ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के द्वारा अपने क्षेत्र में उपयोगी उद्योग को बढ़ावा देना होगा। गांवों में किसानों के लिए अथवा शहर में व्यापारियों के लिए प्रत्येक छोटी छोटी समस्याओं का समाधान ब्लॉक स्तर के अधिकारी मजबूती से कर सकते हैं और उनको अपने क्षेत्र के  विधायक के साथ सामंजस्य बिठाना होगा। जिससे कार्य को अच्छी तरह से यथार्थ रूप दिया जा सके। जिला प्रशासन के द्वारा  गठित टीमें हर ब्लॉक का सावधानी पूर्वक निरीक्षण करें। ग़रीब को कभी भी मुफ़्त में कुछ भी नहीं दिए क्योंकि ये उनको विकलांग बनाने का कार्य हो जाता है।जनता को एक बात याद रखनी चाहिए कि “जब कोई चीज़ मुफ़्त मिल रही हो तो समझ लेना आपको उसकी कोई बड़ी क़ीमत चुकानी होगी” । इसलिए ग़रीबों लिए निम्न स्तर से कार्य संपादित किया जाए और उस कार्य से मिलने वालें पैसे ही उन्हें दिए जाए ताकि वो भी आत्मनिर्भर बन सके। इस प्रकार उद्योग से आने वाले पैसे से जिले की आय में वृद्धि होगी जिससे और भी अन्य विकास के कार्य में लगाया जा सकता है। यहाँ पर राजनेताओं से अपेक्षा की जाती है कि वो प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यों में दखल न देकर उनका सहयोग करें ताकि भारत को विकसित राष्ट्र बनाया जा सके। 

कवि दशरथ प्रजापत पथमेड़ा, जालोर(राजस्थान)

कवि दशरथ प्रजापत, पथमेड़ा, जालोर(राजस्थान) 

ये लेखक के निजी विचार हैं।आजक्याका इससे सहमत अथवा असहमत होना आवश्यक नहीं है।)