ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ||

इस महामृत्युंजय मन्त्र का जाप प्रत्येक शिवभक्त के मुखमंडल की शोभा बना हुआ है घर से पूजा अर्चना के बाद भी किसी भी मंदिर के सामने आते ही भक्तो का शीश श्रद्धापूर्वक शिवलिंग के आगे नतमस्तक हो जाता है सावन का महीना आते ही जो हर्षोल्लास का वातावरण जनमानस पर अपना प्रभाव डालता है वैसा प्रमाण सारे संसार में और कही देखने को नहीं मिलता। सम्पूर्ण बारह ज्योर्तिलिंगो के दर्शन हेतु दर्शनार्थीयो का रेला करोड़ों की संख्या में मंदिरो में आता है।

परंतु इस वर्ष कोरोना जैसी महामारी ने शिव भक्तो को अत्यंत सावधानीपूर्वक मंदिरो में पूजा अर्चना करने पर विवश कर दिया है किन्तु फिर भी भक्तो की उमंग और उत्साह का सागर समुन्दर जैसे हिलोरे मार रहा है क्योकि इस संसार में अनगिनत बार प्राकृतिक आपदायें आई और चली गयी, परंतु सर्व शक्तिमान और इस दुनिया को बनाने वाले भगवान शंकर के प्रति उनके भक्तो अटूट आस्था के सामने ये आपदा भी अब शने-शने दुर्बल हो कर समाप्त हो जाने की कगार पर है। AAJKYA.COM की तरफ से पूरी दुनिया के सभी शिव भक्तो को स्नेहकारी शुभकामनाये।