मंदिर पूजा, मस्जिद गये
गिरजाघर गये, पूजा सबने गुरूद्वारा
पर पूजा नहीं उस मां को
जिसने दूध पिलाया और लोरी गाकर सुलाया
पूजा नहीं उस पिता को जिसने अंगुली पकड़कर चलना सिखाया
सच्ची पूजा मां बाप की सेवा है
यह वो ईश्वर भी जानता है जिसको पूजा करते तुम हो
मां-बाप के बिना तो वो ईश्वर भी इस दुनिया में न आ पाया
ईश्वर खुद बसते है उनमे
मां बाप को न ऐसे लाचार करो
उनकी सेवा सच्ची पूजा है उस ईश्वर की
मां बाप को तुम बस प्यार करो

प्रस्तुति- सुरभी ठाकुर