By- संजय कुमार बिश्नोई साँचौर

जिस तिरंगे के लिए गोलियों से खेल गए
हमे उस राष्ट्रध्वज के लोगो की खुशहाली चाहिए
जो फेंकते थे पत्थर हम पर उन देशद्रोहीयों का दलाल चाहिए
हमे इंसाफ चाहिए

जो खेलते हो राजनीति जो करते
हम पर कूटनीति मुझे उन नेताओं पर सवाल चाहिए
हम पूछे सवाल तो कहे हमे ना बवाल चाहिए
हमे इंसाफ चाहिए

जहाँ महाराणा प्रताप की भांति दुख-दर्द सहते रेंगते घसीटते
मेरे जवानो की जिंदगी का ख्याल चाहिए
हमे इंसाफ चाहिए

हम जवानो को भी घर का प्यार और माँ का दुलार चाहिए
फिर भी हमे ड्यूटी से ना छुट्टी चाहिए
हमे इंसाफ चाहिए

अगर युद्ध हो किसी भी आतंकवाद से
संजय प्राप्त कर लोटे ऐसा जनता का आशीर्वाद चाहिए
जो छूट मिली सरहद पर सरकार को इस बात पर धन्यवाद कहिए
हमे इंसाफ चाहिए