By- संजय कुमार

समय के साथ परिस्थितियां भी बदलती रहती हैं इन बदलते समय और परिस्थितियों के मध्य हमें अनेक आकस्मिक निर्णय लेने होते हैं जिसमें से कुछ निर्णय हमें सकारात्मक लगते हैं और कुछ निर्णय हमें नकारात्मक लगते हैं।

आपके द्वारा लिए गए निर्णय का कुछ लोग समर्थन करते हैं और कुछ लोग विरोध करते हैं इसमें सवाल ये उठता है कि आपके द्वारा लिए गए निर्णय सकारात्मक है या नकारात्मक यह पता कैसे लगाएं ?
अगर आपके द्वारा दिए गए निर्णय से किसी को कोई हानि उठानी पड़ती है या किसी के दिल को बगैर कोई वजह के ठेस पहुंचती है तो आपके द्वारा लिया गया निर्णय नकारात्मक ही है । और इसके अलावा भी अनेक कारण हो सकते हैं तो एक कारण से आपके द्वारा लिए गए निर्णय पर निष्कर्ष निकालना अनुपयुक्त हैं।
इसलिए आपको किसी अन्य व्यक्ति की जगह सोचना चाहिए कि अगर यहां पर मेरे अलावा किसी अन्य ने यह निर्णय लिया है तो क्या इस व्यक्ति के द्वारा लिए गए निर्णय सकारात्मक है या नहीं ।
अगर कोई व्यक्ति आपको उकसाता है और आप उसके खिलाफ विवेक के साथ निर्णय लेते हैं तो आपके द्वारा लिए गए निर्णय सही है और अगर आप विवेक की जगह स्वार्थ की भावना से निर्णय लेते हैं तो यह कहना कठिन हो जाता है कि क्या आपके द्वारा लिया गया निर्णय सकारात्मक है या नहीं इसलिए अगर कोई ठोस निर्णय लेना हो तो आप विवेक को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले अगर आपने विवेक के साथ निर्णय लिया है तो आपको पश्चाताप करने की कोई आवश्यकता नहीं है। क्योंकि विवेक के साथ लिया गया हर निर्णय सकारात्मक होता है ।