By- सुरेंद्र सैनी बवानीवाल (Himanshu)

जैसा की हम सब जानते हैं की आज 15 अगस्त 2020 को हम 74वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं. हम सभी भारतीयों के लिए 15 अगस्त के दिन का बहुत ज्यादा महत्त्व होता है. इस दिन भारत में राष्ट्रीय अवकाश होता है. 15 अगस्त को हम स्वतंत्रता दिवस जश्न के साथ स्कूलों में, कॉलेजों में, शिक्षण संस्थानों में भी मनाते हैं क्योंकि इस दिन भारत को आज़ादी मिली थीं.इस दिन को आज़ादी का जश्न-ए-दिवस का नाम भी दिया गया है और ये दिन भारतीयों की शूरवीरता का भी प्रतीक है .प्रत्येक वर्ष भारत के प्रधानमंत्री लाल किले से देश को सम्बोधित भी करते हैं. इस दिन झंडा फहराया जाता है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. इस दिन सभी सरकारी कार्यालय, बाजार और निजी कार्यालय आदि बंद रहते हैं. इस दिन अख़बार भी नहीं प्रकाशित होता है. लेकिन परिवहन के साधन चालू रहते हैं. कई जगहों पर इस दिन पतंगें भी उड़ाई जाती है

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हमें ज्ञात है की हमें 15 अगस्त 1947 को ठीक रात 12 बजे आज़ादी मिली थीं. लेकिन कुछ सवाल ऐसे हैं जिनका जवाब हर भारतीय जानना चाहता है-

प्रश्न 1 – भारत को आज़ादी 1947 में ही क्यों मिली?

गांधीजी के जनांदोलन से देश की जनता पूरी तरह से जागरूक  हो गयी थीं वहीं दूसरी तरफ सुभाष चंद्र बोस जी की “आज़ाद हिन्द  फौज” की गतिविधियों ने अंग्रेज शासकों के पसीने छुड़ा रखें थे. सन 1945 के द्वितीय  विश्वयुद्ध के समाप्त होने के समय पर अंग्रेजों  की आर्थिक दशा बहुत खराब हो चुकी थी. इतनी खराब की उसे बद से बदतर कहा जा सकता है. उनकी हालत ऐसी हो गयी थी की वो दूसरे देश तो क्या अपने देश में भी शासन करने में कठिनाई महसूस कर रहे थे. वहीं 1945 में हुए ब्रिटिश चुनाव में लेबर पार्टी की जीत ने भारत की आज़ादी के द्वार पूरी तरह खोल दिए थे. ब्रिटिशों ने अपने मैनिफेस्टो में भारत जैसी दूसरी अंग्रेजी कोलोनोयों को भी आज़ादी देने की बात कही थी. कई नाटकीय हंगामों और मतभेदों के बाद भारतीय नेताओं   की बातचीत लॉर्ड विवेल से होने लगी थी. ऐसा लगने लगा था की स्वतंत्र भारत का सपना पूरा होने में थोड़ा ही फासला है.फरवरी 1947 में लॉर्ड माउंट बेटन को भारत का आखिरी वायसराय चुना गया. उनपर पूर्ण व्यवस्थित तरीके से भारत को आज़ादी दिलाने का कार्यभार डाल दिया गया था. शुरुआती योजना के अनुसार भारत को जून 1948 में आज़ादी देने का प्रस्ताव रखा गया. वायसराय बनने के तुरंत बाद लॉर्ड माउंट बैटन ने  भारतीय नेताओं से वार्ता करनी शुरू कर दी. लेकिन यह कार्य इतना आसान नहीं था. जवाहर लाल नेहरू और मोहम्मद अली जिन्ना के बीच बंटवारे को लेकर पहले ही खींचातानी चल रही थी.जिन्ना ने अलग देश बनाने की मांग रख दी थी जिससे भारत के कई क्षेत्रों में भयंकर सांप्रदायिक झगडे शुरू हो गए थे. गृहयुद्ध की स्तिथी हो गयी थी. लॉर्ड माउंट बैटन ने ऐसी अपेक्षा नहीं की थी. हालात बिगड़कर और बदतर ना हो जाएं इसलिए  लॉर्ड माउंट बैटन ने निर्णय लिया की भारत को आज़ादी 1948 की बजाय 1947 में ही दे दी जाए और इस प्रकार 1947 का वर्ष आज़ादी के लिए तय कर दिया गया. 

प्रश्न 2 – आज़ादी के लिए 15 अगस्त का दिन ही क्यों लिया गया?

लॉर्ड माउंट बैटन 15 अगस्त की तारीख को बहुत शुभ मानते थे क्योंकि द्वितीय विश्वयुद्ध के समय 15 अगस्त 1945 को जापानी आर्मी ने आत्म-समर्पण किया था. उस समय लॉर्ड माउंट बैटन अल्लाइड फ़ोर्स के कमांडर थे. तो इस कारण लॉर्ड माउंट बैटन ने 15 अगस्त को शुभ मानते हुए चुना था. 

प्रश्न 3 – रात्रि 12 बजे ही क्यों हमें आज़ादी मिली?

जब लॉर्ड माउंट बैटन ने भारत की आज़ादी की तारीख 03 जून,1948 से 15 अगस्त, 1947 कर दी तो देश के ज्योतिषियों में  खलबली मच गयी. सभी ज्योतिषियों के अनुसार यह तारीख अशुभ, अपवित्र और अमंगल थी. ज्योतिषियों द्वारा लॉर्ड माउंट बैटन को दूसरी कई शुभ और मंगल तारीखें सुझायी गयी लेकिन वो 15 अगस्त को शुभ मानते हुए उसपर अड़िग थे तो ज्योतिषियों ने इसका एक उपाय निकाला की उन्होंने  14 अगस्त और 15 अगस्त की मध्य रात्रि बारह बजे का समय निश्चित किया क्योंकि अंग्रेजों के हिसाब से रात्रि बारह बजे के  बाद से अगला दिन शुरू हो जाता है लेकिन हिन्दुओं के अनुसार अगला दिन सूर्योदय   से शुरू होता है. ज्योतिषियों ने जवाहरलाल नेहरू जी से यह भी कहा की उन्हें अपनी स्पीच अभिजीत मुहूर्त में 11बज कर 51 मिनट से शुरू कर  12 बजकर 39 मिनट पर समाप्त भी कर देनी होगी.एक शर्त यह भी रखी गयी थी की जवाहरलाल नेहरू जी को अपना भाषण ठीक 12 बजे समाप्त करना होगा और फिर उसके बाद शंखनाद किया जाएगा जो की एक नए देश की गूंज पूरी दुनियां में पहुँचा देगा.आज हमारे देश  को आज़ादी मिले 73 साल हो चुके हैं और हमें यह मालूम होना चाहिए की 15 अगस्त 1947 की तारीख का हमारे देश के लिए  क्या महत्त्व है. 

हम आशा करते हैं की आने वाला स्वतंत्रता दिवस आपके जीवन में ढेर सारी खुशियाँ लाए. आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें.

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Surendar Saini ()