BY: Surender Saini (UDTA)

हर सनातन लोग हर धर्म का सम्मान करते हैं और आदरभाव से हाथ जोड़कर नमन करते हैं. हर भारतीय अपने सीने में देशप्रेम की भावना रखता है लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो इस  देशप्रेम की भावना को  ही अपना जीवन का लक्ष्य बना लिया है. यहां आपको यह बताना आवश्यक होगा कि AAJKYA की टीम भारत की उन महिलाओं को खोजने का प्रयास कर रही है, जिन्होंने परिवार, समाज व राष्ट्र के विकास में अहम भूमिका निभायी है, इसी कड़ी में CEO श्री हिमाँशु जी द्वारा ऐसी महिला का साक्षात्कार करने का निर्णय लिया है, जो एक बहुत अच्छी वक्ता, नेता, सामाज सेविका, जुझारू और बेबाकी से अपनी बात रखने वाली महिला और एक परिपूर्ण माँ हैं. हम बात कर रहे है बिजनौर (उत्तरप्रदेश) से सम्बन्ध रखने वाली श्रीमती सरिता सैनी जी की. इनका नाम सामाजिक कार्यक्रमों में अक्सर सुनने को मिलता है.

AAJKYA टीम के जुझारू लेखक व एक वक्ता के रूप में ख्यातिप्राप्त श्री सुरेंद्र सैनी बवानीवाल जी ने सरिता सैनी जी से इनके बारे में, इनके परिवार और कार्यों के बारे में और जीवन के प्रति इनके नज़रिये के बारे में इनसे बातचीत की. तो पेश है इनसे हुई विभिन्न पहलुओं पर दुरभाषी बातचीत के कुछ अंश. 

श्रीमती सरिता सैनी जी से हुई वार्ता के दौरान उन्होंने अपने बारे में बताया की उनका  जन्म 10 मई 1970 को कानपुर में हुआ. इनके पिता एक सामाजिक कार्यकर्ता थे और बचपन से ही इन्होंने अपने पिता को समाज सेवा के क्षेत्र में देखा था और वहीं से इनको इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली. इन्होंने स्कूल और कॉलेज के विधार्थी जीवन में N.S.S और N.C.C और बाकी सभी तरह की गतिविधियों में प्रतिभागी के रूप में कार्य किया है.इन्होने N.S.S में काफ़ी बार कानपुर यूनिवर्सिटी को कप्तान के रूप में रिप्रेजेंट किया है. इनका खेलों में भी बहुत अच्छा रिजल्ट रहा है. खेलों में डिसकस थ्रो, जैवलिन थ्रो और 100मीटर, 200 मीटर,  800 मीटर और 1500 मीटर लम्बी दौड़ में इनको बहुत से ईनाम और प्रशस्ति-पत्र मिले हैं.  इन्होंने समाज सेविका के रूप में अपनी शुरुआत नवंबर-1991 से की थी.बिजनौर और  आसपास के क्षेत्रों में इनकी पहचान इनकी बुलंद आवाज़ और मजबूत हौसले से जानी जाती है. इन्होंने उत्तरप्रदेश के लगभग 17 – 18 जिलों में कार्य किए और करवाये हैं जैसे कानपुर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, ग़ाज़ियाबाद, सहारनपुर, मेरठ, लखनऊ, कोटद्वार, रुड़की, बरेली आदि.

सरिता सैनी जी के परिवार में इनके ससुर श्री जगमोहन सैनी, सास श्रीमती कमला देवी, सरिता सैनी जी के पति श्री प्रदीप कुमार सैनी जी हैं और व्यवसाय के रूप में इनके पास बिजनौर में ही एक लुब्रीकेंट कंपनी की होलसेल डिस्ट्रीब्यूटरशिप है. सरिता जी के दो बच्चे -बेटी तितिक्षा सैनी- BCA 2nd year final semester और बेटा हार्दिक सैनी – सेंट मैरी स्कूल, बिजनौर में 8th class में पढ़ रहा है.

देवर श्री वीरेंद्र सैनी, देवरानी श्रीमती मंजुलता सैनी,  इनका बेटा रुद्रांश सैनी(7th क्लास में पढ़ रहा है) सरिता सैनी जी का एक देवर अपने परिवार के साथ नॉएडा में भी रहते हैं.   देवर श्री संदीप सैनी, देवरानी श्रीमती अनुराधा सैनी, इनकी दो बेटियां – टिया(नवशिशु ) और मोनल (3rd क्लास में पढ़ रहीं है ) ये सभी नॉएडा में रहते हैं. 

शिक्षा के क्षेत्र में सरिता सैनी जी ने LL.B, और डबल M.A किया हुआ है. M.A – अर्थशास्त्र (P.P.N-पंडित पृथ्वीनाथ PG कॉलेज, कानपुर, उत्तरप्रदेश ) M.A – समाजशास्त्र (R.B.D- रानी भाग्य देवी PG कॉलेज, बिजनौर उत्तरप्रदेश )

सरिता जी ने दहेज़ जैसे सामाजिक अभिशाप के खिलाफ भी बहुत आवाज़ उठायी है. इसका जीता जगता उदाहरण ये हैं की सरिता सैनी जी का खुद का विवाह बिना दहेज़ दिए श्री प्रदीप सैनी जी (निवासी -बिजनौर उत्तरप्रदेश )के संग  हुआ था.सरिता सैनी जी का मानना था की समाज को सुधारना है तो शुरुआत अपने घर से ही करनी पडेगी और इसलिए इन्होंने अपने पिता को अपनी शादी के लिए दहेज़ नहीं देने दिया.इनके पति श्री प्रदीप सैनी जी को दहेज़ लेना पसंद नहीं था.

सरिता सैनी जी ने अपनी एक सामाजिक संस्था (NGO) बनायीं हुई है “दीपशिखा महिला विकास संस्था, बिजनौर (उत्तरप्रदेश ).इन्होंने प्रत्येक तीन ब्लॉक के लिए अपनी संस्था के ऑफिस बनाये हुए हैं इनके तीन दफ़्तरों का पता है – 
1.असगरी कुल, नूरपुर, बिजनौर 2. बड़हा पूल, बिजनौर 3. स्थान – झालू, बिजनौर 
इनके तीनों दफ्तरों पर सम्बंधित पदाधिकारी बैठते हैं. इनकी कार्यकारिणी में ग्यारह सदस्य हैं और इनकी टीम में करीब 3000 सदस्य संख्या है. अगर किसी भी व्यक्ति की कोई समस्या है तो वह किसी भी दफ़्तर पर जाकर दर्ज करा सकता है. वहाँ श्रीमती सरिता सैनी जी स्वयं याचक की समस्या पर संज्ञान लेतीं हैं और जरुरी कार्यवाही करवाती हैं.लोगों का इतना विश्वास है की जो काम कहीं दूसरी जगह नहीं होगा वह काम सरिता जी करवा देंगी.
इसके अलावा सरिता सैनी जी और भी संस्थाओं से किसी ना किसी रूप में  जुडी हुई हैं. उनकी जानकारी नीचे दी जा रही है 

1 P.M.J.K.Y – प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना (ट्रेनर और कार्यकारिणी सदस्य, कुल कार्यकारिणी सदस्य संख्या है 51. कार्यकर्त्ता के रूप में जुडी थी और इनके काम को देखकर 4 महीने में ही इनको मुख्य मेंबर बॉडी में लें लिया गया था )
2 श्रमिक भारती, कानपुर उत्तरप्रदेश – (बॉडी मेंबर)
3 सुभाष चिल्ड्रन अकादमी, कानपुर उत्तरप्रदेश (बॉडी मेंबर )
4 अभिनव (NGO), मुज़फ्फरनगर उत्तप्रदेश – (कार्यकारिणी सदस्य )
5 सुमति ग्रमोथान संस्था, कोटद्वार उत्तरांचल (बॉडी मेंबर )
6 अभिभावक संघ – रुड़की, ग़ाज़ियाबाद, बिजनौर (उत्तरप्रदेश )- (प्रेजिडेंट )
7 महिला स्वरोज़गार योजना,मंडावर बिजनौर उत्तरप्रदेश – (फाउंडर समिति सदस्य )
8 केसरिया हिन्दू वाहिनी -बिजनौर उत्तरप्रदेश (महिला प्रभार जिलाध्यक्ष, श्री अतुल जी इसके प्रेजिडेंट हैं )
9 अंतर्राष्ट्रीय सैनी समाज मार्गदर्शन एंव एकता संघ, रोहतक – 124001 (हरियाणा )- (उत्तरप्रदेश महिला कार्यकारिणी अध्यक्ष, श्री पवन सैनी जी (रोहतक ) अध्यक्ष और श्री नरेश सैनी कलानौरिया जी (रोहतक) उपाध्यक्ष हैं )
10 जिला कल्याण समिति, बिजनौर उत्तरप्रदेश – (पिछले छह वर्षों से educationist और
वाईस प्रेजिडेंट रूप में )
11 W.H.O (WORLD HEALTH ORGANISATION के भी कई प्रोजेक्ट्स के साथ जुडी हुईं हैं.

इनकी संस्थाओं द्वारा किए जाने वाले कार्य :-

  1. महिला शिक्षा
  2. महिला आत्मरक्षा ट्रेनिंग
  3. गरीबों के राशनकार्ड बनवाना और राशन वितरण करवाना. लॉकडाउन के दौरान सभी राशन डीलरों से लगातार संपर्क बना कर जरुरतमंदो तक राशन पहुँचाया जा रहा था.
  4. बुजुर्गों के लिए सम्मान समारोह
  5. नवप्रतिभा सम्मान समारोह
  6. रक्तदान शिविर आयोजन
  7. पौधरोपण कार्यक्रम
  8. चुनावी नुक्कड़ सभा और मीटिंग,महिलाओं की 5 -6 गाड़ीयाँ पार्टी की उम्मीदवार के साथ चलती थी
  9. घर – घर जाकर लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करना और पार्टी का जनाधार तैयार करवाना.
  10. पब्लिक ओपन मीटिंग
  11. युवाओं के लिए रोज़गार काउंसलिंग
  12. महिला खेलों को प्रोमोट करना
  13. स्वास्थ्य जाँच कैंप आयोजन
  14. नेत्र जाँच शिविर आयोजन
  15. गर्भवती महिलाओं को जानकारी दिलवाना
  16. लॉकडाउन में उत्तरप्रदेश के कई जिलों में मास्क और सेनीटाइजऱ वितरित किए.
  17. उनकी टीम के अच्छे कार्यकर्ताओ को और समाज में अच्छे कार्य करने वाले लोगों को कोरोना सम्मान पत्र प्रदान किया.
  18. मातृ-शिशु सुरक्षा ट्रेनिंग.
  19. बाल विकास एंव संरक्षण
  20. महिला अधिकार व संरक्षण

सरिता सैनी जी ने बताया की भगवान की कृपा से उनको किसी की मदद करने के लिए  कभी किसी सरकारी दफ़्तर के चक्कर नहीं काटने पड़े. सभी काम फोन से या किसी सदस्य को भेजकर ही हो जाते हैं. हाँ प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना के लिए कई बार  बैंक के चककर लगाने पड़ते हैं क्योंकि समय पर ग्रांट नहीं आ पाती. वैसे बाकी संस्थाओं के काम के लिए लोग खुद डोनेशन दे देते हैं. दूसरे NGO से भी फंडिंग होती हैं. 

सामाजिक कार्यों के अलावा सरिता सैनी जी ने एक और प्रोजेक्ट किया था जिसका विषय था “केंसर पीड़ितों के परिवार को क्या कदम उठाने चाहिए और किसी सोशल एक्टिविस्ट की ऐसे समय में क्या ज़िम्मेदारी बन जाती है” इस प्रोजेक्ट के सर्वे में उन्होंने 50 परिवारों को शामिल किया था.इस प्रोजेक्ट की फाइनल रेपोर्ट प्रोफेसर श्री गणेश पांडे और प्रोफेसर श्रीमती ऊषा भारती जी को सुपुर्द की थी. इस प्रोजेक्ट के लिए उनको यूनिवर्सिटी की तरफ से  डबल सर्टिफिकेट प्रदान किया गया था. 

जनता को अपना नेता चुनते हुए उसका चरित्र और काम करने की नियत देखनी चाहिए. अगर कोई नेता आपके बीच पांच साल में सिर्फ एक बार आता है तो वह आपके किसी काम का नहीं है.जनता का प्रतिनिधि जनता के बीच का ही होना चाहिए. 

जनता के लिए मैसेज – अपनी आवाज़ और पहचान खुद बुलंद करने का प्रयास करें और हर हाल में सरकार का सहयोग करें. अपने टैक्स और बिल ईमानदारी से भरें.मेरी  सरकार से विनती हैं की मुझे किसी सेवा वाले कार्यभार से नवाजे ताकि मैं और अच्छे से जनसेवा कर सकूँ. 

हमारी मातृभूमि हमसे हिसाब मांगती है और हमें अपनी सरजमीं के लिए भी कार्य करना चाहिए- श्रीमती सरिता सैनी जी, बिजनौर (उत्तरप्रदेश)

यदि आपको भी अपना साक्षात्कार व अन्य कोई भी जानकारी हमारे वेबपेज AAJKYA.COM पर देनी है तो आप 9058417006 पर सम्पर्क कर सकते हैं।