By: Surendra Saini (Himanshu)

हम सभी जानते हैं की हमारा समाज दो स्तम्भों पर टिका हुआ है जिनका नाम है पुरुष और महिलाएं. इन दोनों के बिना हमारा समाज अधूरा है. लेकिन ऐसा माना जाता है की महिलाओं ने खुद को पुरुषों से बेहतर सिद्ध करके दिखाया है. आज हम आपकी मुलाक़ात ऐसी ही एक सशक्त महिला से कराने जा रहे हैं. महाराष्ट्र में सामाजिक कार्यों की फेहरिस्त में इनका नाम सबसे ऊपर आता है. इनका नाम है श्रीमती पुनीता सुनील सिंह रावत. ये राजपूत परिवार से सम्बन्ध रखती हैं.हमारे साथी श्री सुरेंद्र सैनी बवानीवाल जी ने इनका साक्षात्कार किया और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर इनके विचार जाने.तो पेश करते हैं इनसे हुई दूरभाषी बातचीत के कुछ अंश.

श्रीमती पुनीता जी अपने नाम के साथ अपने पति श्री सुनील रावत जी का नाम लगाती हैं तो इनका पूरा नाम श्रीमति पुनीता सुनील सिंह रावत है.इनका मायका हैदराबाद (आंध्रप्रदेश )में हैं और इनका जन्म 13 जनवरी 1969 को हैदराबाद में ही हुआ था. इनका ससुराल रावत परिवार है जिनसे महाराष्ट्र में हर कोई वाकिफ है. रावत परिवार वैसे तो सम्बन्ध रखता है राजस्थान से लेकिन काफ़ी वर्षों से नांदेड़ महाराष्ट्र में ही रह रहे है.पुनीता जी एक बहुत अच्छी नेता, वक्ता, समाज सेविका और परिपूर्ण माँ हैं.ये संयुक्त परिवार में रहती हैं. और इनके पास चार बच्चे हैं जिसमें एक बेटी तेजल सुनील रावत (पढ़ रही है B. Tech द्वितीय वर्ष में )और अक्षय सुनील रावत (खुद का ग्लास ट्रेडिंग का व्यवसाय )इनके अपने बच्चे हैं और प्रतीक रावत (बैंगलोर infosys में जॉब ) और संकेत रावत (पढ़ाई )इनकी बहन और जेठजी के बच्चे हैं.लेकिन पुनीता जी इन सबको अपना मानती है और किसी भी तरह का भेदभाव नहीं है.

पुनीता जी अपने बचपन से ही अतिरिक्त रुचिकर कार्यों में प्रतिभाग किया करती थी. उनके परिवार का ही स्कूल था जहाँ उनमें नेतृत्व और भाषण देने की कला ने जन्म लिया.उनमें सदैव धार्मिक प्रवृति वाले गुण विराजमान थे जिसके चलते पुनीता जी की शुरुआत उनके द्वारा बनाये गए भजन महिला मण्डल से हुई थी जहाँ से उन्होंने सामाजिक होना और निखरना शुरु किया.भजनों में गायन और वादन दोनों का बराबर स्थान था और पुनीता जी की मण्डली सुरमयी माहौल बना देती थी. बाद में बहुउद्देशीय नारी सेवा मंडल भी उनके द्वारा शुरु किया गया संस्थान था. उसके बाद उन्हें एंटी करप्शन कमेटी की सदस्या बनाया गया, उसके बाद उन्हें महिला दक्षिता समिति के लिए चुन लिया गया. महिला अधिकार संस्था में भी उनको लिया गया. आज वे एंटी करप्शन कमेटी में सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं. इसी तरह वो आगे बढ़ती रहीं और उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. आज उनकी समाज में और प्रदेश में एक अलग पहचान है. इससे पहले वो भी किसी पारम्परिक राजपूत परिवार की महिलाओं की तरह घूँघट में रहती थी और उनको ज़्यादा सामाजिक ज्ञान नहीं था और वो गृहिणी की तरह जीवन बीता रही थी लेकिन उनके भाई श्री अशोक राव जी चौहान के प्रेरित करने पर उन्होंने अन्य महिलाओं में अपनी पहचान बनाना शुरु किया और राजनीति की तरफ अग्रसर हुई. पुनीता जी अपने परिवार के सदस्यों के साथ कांग्रेस पार्टी से जुडी हुई हैं और पिछले चुनाव में उनको टिकट मिलते मिलते रह गयी थी लेकिन उनका सेवाभाव आज भी कायम हैं और वे समर्पित भाव से लगी रहती है.आने वाले समय में उन्हें कांग्रेस पार्टी में जिला अध्यक्ष बनाने की बात चल रही है.पुनीता जी का कहना है राजनीती अच्छी भी होती है और बुरी भी लेकिन मै अपना काम ईमानदारी से करने में विश्वास रखती हूँ

थोड़ा मायूस होकर पुनीता जी ने बताया की उनके पति श्री सुनील सिंह रावत जी का एक्सीडेंट हो गया था जिसमें उन्हें ब्रेन हेमरेज हो गया और उनका इस तरह दुनियां छोड़कर चले जाना उनके लिए एक बहुत बड़ा आघात था जिसकी भरपाई होना बहुत मुश्किल हैं. लेकिन ज़िन्दगी चलने का नाम हैं इसलिए वो भी धीरे – धीरे इन सब से उबरने की कोशिश कर रही हैं. लोगों की सेवा उनका एकमात्र उद्देश्य रह गया है.

उनके किए गए कार्यों में मुख्य रूप से महिलाओं का हित शामिल है जैसे

  1. महिलाओं की शिक्षा के लिए कार्य करना
  2. महिलाओं को राशन दिलवाना
  3. महिलाओं के लिए स्वास्थ्य चेकअप कैंप लगाना
  4. महिलाओं को मुफ्त दवाईयाँ दिलवाना
  5. गरीब लोगों में खाना बंटवाना
  6. गरीबों के बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाना
  7. गरीबों की पानी की व्यवस्था करवाना
  8. महिलाओं को पाककला की ट्रेनिंग दिलवाना
  9. रक्तदान शिविर का आयोजन करना
  10. पौधरोपण करवाना
  11. महिलाओं को स्वछ्ता के बारे जागरूक करना
  12. लॉकडाउन में 4 महीने से गरीब लोगों लगातार राशन बाँटा जा रहा है.
  13. सेनीटाईज़र और मास्क वितरण करना
  14. युवाओं के लिए रोज़गार मेला आयोजन करना
  15. महिलाओं को खेती का भी ज्ञान देना
  16. विधवा महिलाओं को रोज़गार दिलवाना
  17. विधवा और गरीब महिलाओं को महिला आश्रम में भिजवाना.
  18. महिलाओं के लिए पांच साल से नवरात्रो में गरबा और डांडिया का आयोजन किया जा रहा है जिसमें प्रतिभागी के रूप में पुरुषों का आना वर्जित है.
  19. आने वाले समय में वो कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर सड़कें पक्की करवाने और कुपोषित बच्चों के लिए कार्य करने की मुहीम शुरु की जा रही है.
  20. सभी पिछड़े लोगों को जाति प्रमाण पत्र दिलवाया जाएगा जिससे उन्हें कोई भत्ता मिलना शुरु हो सके.
  21. गरीब परिवार की लड़कियों की शादी करवाती हैं बिना किसी दहेज़ के.
  22. मेधावी छात्रों को सम्मानित करना.
  23. गरीब बच्चों का अलग – अलग स्कूल में दाखिला भी करवाते हैं.
  24. रिश्वत लेने वालों को रोकते हैं

पुनीता जी के NGO की कार्यकारिणी में 5 सदस्य है जो समय समय पर अपनी सलाह देते हैं और सभी कार्यक्रम में योगदान करते हैं.पुनीता जी अलग अलग क्षेत्रों में काम करती हैं.उनकी सभी टीमों को मिलाकर तीन हज़ार से चार हज़ार सदस्य हो जाते हैं. लॉकडाउन में उनकी सभी टीमों का बहुत सहयोग रहा.काम के सिलसिले में उन्हें काफ़ी जगहों पर जाना पड़ता है जैसे मुंबई, नासिक, लोनावला, औरंगाबाद, पुणे, पनवेल आदि.उनके लिए ये एक अच्छी बात रही की उनको कार्य करवाने के लिए कभी किसी सरकारी दफ़्तर के चककर नहीं काटने पड़े. अपने संपर्क और टीम की सहायता से सभी काम समय पर पूरे हो जाते हैं.उनके द्वारा आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में किसी व्यक्ति विशेष या जाति विशेष का निमंत्रण ना होकर सभी का निमंत्रण होता है. उनका जातिप्रथा में विश्वास नहीं है.वो सभी धर्मों को समान रूप से आदर देती हैं.एकादशी को उनके और उनकी टीम द्वारा मंदिरों में धार्मिक आयोजन किया जाता था जिसमें सभी महिलाओं को गायन और वादन के लिए प्रेरित किया जाता था.बहुत सी महिलाएं वहीं से आत्म विश्वासी बनी.

चुनाव के दौरान उनका काम पार्टी का प्रचार – प्रसार व महिलाओं और अन्य वोटरों से ज़्यादा से ज़्यादा संपर्क बढ़ाने का होता है ताकि उनका एक जनाधार तैयार हो सके.डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर से इज़ाज़त लेकर उनके घर पर भी मीटिंग का आयोजन होता रहता था . लॉकडाउन के दौरान google meet पर मीटिंग होती थी.किसी भी कार्यक्रम के लिए उन्होंने कभी सरकारी मदद नहीं मांगी और वो खुद के पैसों से ही सारे काम करवाते आए हैं. उन्हें किसी प्रकार का सरकारी अनुदान या ग्रांट नहीं मिलता.उनकी 16 एकड़ खेती की जमीन हैं जिसके पास ही उनका गाँव लगता है जहाँ पर उनके पति श्री सुनील रावत जी की प्रतिमा लगायी जाएगी.गाँवो के लोगों का बहुत सहयोग है हमें.कोई काम पड़े तो आधी रात को भी तैयार रहते हैं. वहीं पर आसपास हम बहुत से पेड़ लगाएंगे. इसके लिए पौधे सरकारी नर्सरी से मिलने वाले हैं.

जनता के लिए उनका सन्देश यह है की हर हाल में देश का और देशवासियों का सहयोग करें.

और अंत में हम उनके भविष्य की मंगल कामना करते हैं