हुनर की कोई पाठशाला नहीं होती. ये वो जज़्बा है जो अपने आप से आता है. ज़माने में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके लब नहीं बोलते मगर उनका हुनर बोलता है.आज हम आपकी मुलाक़ात एक ऐसे युवा से करवाने जा रहे हैं जिसने बहुत कम समय में अपनी एक अलग पहचान बना ली है, आपको बता दे कि Aajkya.com की टीम ऐसे ही हुनर की तलाश कर उनका साक्षात्कार करती है, जो समाज में अपना अमिट छाप अपने हुनुर के माध्यम से बनाने को प्रयासरत है। इसी कड़ी में हमारी टीम द्वारा जम्मू के मूल निवासी श्री पंकज सिंह जो एक रैपर के रूप में अपना ख्याति प्राप्त किये हुये है Aajkya.com से होनहार लेखक के रूप में ख्याति प्राप्त श्री सुरेंद्र सैनी  बवानीवाल जी की इनसे बातचीत हुईं और इनके जोश और हौसले से भरे  इनके विचार जानने का मौका मिला. तो पेश है इनसे हुईं दुरभाषी बातचीत के कुछ अंश.

पंकज जी से हुयी वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि उनका पूरा नाम पंकज सिंह है.उनकी जन्मतिथि 08.सितम्बर .1996 है. इनका जन्म जम्मू के जिला – कठुआ के तहसील – बिलावर के गाँव द्रमनी में श्री बलवंत सिंह जी के राजपूत परिवार में हुआ. इनके क्षेत्र में डोगरी भाषी बोली जाती है. इनके परिवार में इनके अलावा चार सदस्य हैं. इनके पिता – श्री बलवंत सिंह (होलसेल डीलर मध्यस्त चैनल ) इनकी माता – श्रीमती मखनी देवी (गृहिणी) इनका छोटी बहन – कुमारी राधिका सिंह (कक्षा 8वीं में पढ़ रही है ) इनका छोटा भाई – धीरज सिंह (कक्षा 6वीं में पढ़ रहा है)

शिक्षा के क्षेत्र में रैपर पंकज सिंह जी ने 2015-16 से  2019-20 बैच में  I.I.M.T (Indian  Institute of  Management and Technology ), Meerut से B.H.M.C.T – (Bachelor of Hotel Management and Catering Technology – 4 years course )किया है.

इनके लिए अब तक का यादगार दिन वो था जब सन 2016 में इनके बैच का इनका एक साथी एक मूवी की स्टोरी लिख रहा था और प्रिंसिपल से विचार-विमर्श होकर उस स्टोरी की शूटिंग की बात चल रही थी और इनसे पूछा गया की ये इस मूवी के लिए क्या कर सकते हैं तो इनका जवाब था की “मैं रैप लिख कर गा सकता हूँ ” और तब इन्होंने अपने इंस्टिट्यूट की वीडियो शूटिंग के लिए 15 मिनट में अपनी ज़िन्दगी की पहली रैप लिरिक्स लिखी थी और परफॉर्म की थी.वहाँ से इनका रैपर बनने के क्षेत्र में पर्दापण हुआ.

आज तक श्री पंकज सिंह जी 300 के करीब रैप-लिरिक्स लिख चुके हैं जिनमें से ये  30 गा चुके हैं और इन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड की हुईं है.पंकज सिंह जी अपने रैप में सामाजिक मुद्दों को ज़्यादा हाईलाइट करते हैं.इनके कई रैप सांग बहुत मशहूर हुए जैसे जिल्ला बिलावर,डोगरों की आवाज़ आदि.2015-16 में इन्होने पहली बार अपना यूट्यूब चैनल बनाया था और उसपर 10-12लाख सब्सक्राइबर हो गए थे लेकिन किसी ने हैकिंग करके चैनल मुझसे छीन लिया.पंकज सिंह जी ने दूसरी बार फिर नया चैनल बनाया और कुछ गाने ऐसे अपलोड हो गए जिनसे कॉपीराइट की दिक्कत आयी और दूसरी बार भी यूट्यूब चैनल हटा दिया गया.तब तक बहुत सारी बातें समझ में आने लगी थी और अब तीसरी बार नया चैनल है जिसपर मैं अपने रैप सांग अपलोड करता हूँ.

इनको हमेशा से रैप लिखने और गाने के लिए प्रेरित किया है इनके शहर से आने वाली इनकी स्कूल फ्रेंड मिस प्रियांशी सिंह ने.कुमारी प्रियांशी सिंह IIMT मेरठ से लॉ कर रही हैं और यूनिवर्सिटी की टोपर रही हैं. पिछले छह सालों से ये दोनों  बहुत अच्छे दोस्त हैं और साथ हैं और आने वाले भविष्य के लिए संजीदा हैं और एक-दूसरे को बढ़ावा देते रहते हैं.पंकज जी कोई भी रैप -गाना बनाकर सबसे पहले प्रियांशी को ही सुनाते हैं. कुमारी प्रियांशी सिंह पंकज जी के लिए पहली श्रोता है जो की कभी पंकज को नकारात्मक  नहीं होने देती.कभी कभी नकारात्मकता होने पर पंकज जी वीडियो देखकर खुद को सकारात्मक कर लेते हैं.

पंकज सिंह के यूट्यूब चैनल पर अभी तक 01 मिलियन (दस लाख )व्यूज मिल चुके हैं और यूट्यूब से इनको 38 डॉलर भी मिल चुके हैं.लेकिन पंकज जी आजकल सिर्फ प्रमोशन पर ध्यान दे रहे हैं नाकि पैसे पर.क्योंकि अगर मेहनत से पथ पर बढ़ते रहे तो पैसा तो अपनेआप आने लगेगा.मेहनत का नतीजा भी मिल रहा है.जब भी पंकज जी लाइव ऑनलाइन परफॉरमेंस देते हैं तो करीब दस हज़ार लोग उन्हें लाइव सुनते हैं.

अपनी होटल मैनेजमेंट की डिग्री पूरी करने के बाद इनकी कैंपस प्लेसमेंट होटल दी लीला (वैशाली नगर, दिल्ली )में हुईं थी जहाँ इनकी ड्यूटी का टाइम दोपहर के दो बजे से रात के दो बजे तक था.शुरुआत में कुछ दिन ठीक रहा लेकिन फिर बाद में इनको जिम करने का, पूरी नींद लेने का और अपने जूनून (रैपिंग )के लिए बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता था.तब इन्होंने महसूस किया की इनको ये जॉब चेंज कर लेनी चाहिए जहाँ ये अपनी सेहत (जिम )पर ध्यान दें सकें,  शौक को बढ़ावा दें सकें और नींद भी पूरी कर सकें.पंकज जी घर के बड़े बेटे  हैं तो जॉब करना इनकी प्राथमिकता भी थी और इन्होंने होटल रेड्डीसन, मेरठ में फ्रंट ऑफिस एग्जीक्यूटिव के रूप में ज्वाइन किया. यहाँ इनकी जॉब दो ही महीने चली की लॉकडाउन लग गया और इनको वापिस घर आना पड़ा.आजकल ये दूसरी जॉब के लिये अप्लाई कर रहे हैं और घर पररहकर  नए लिरिक्स लिखते हैं और उन्हें गाकर यूट्यूब पर अपलोड कर देते हैं.पंकज जी ने बताया की इनके अभिभावकों को रैप में ज़रा भी रूचि नहीं है और वो तो हिंदी भाषा तक भी नहीं समझते. पंकज जी के माता -पिता पहले इनको रोकते-टोकते भी बहुत थे.उन्हें लगता था की उनका बेटा वैसे ही बड़बड़ कर रहा है कुछ भी बोल रहा है  लेकिन जबसे पंकज जी के रैप सांग हिट हुए हैं और उनके इंटरव्यू   टीवी पर आने लगे हैं जिससे पड़ौस के लोग उनके घर पर आकर पंकज जी की तारीफ करने लगे हैं तबसे उन्होंने टोकना बंद कर दिया है.वैसे पंकज जी को लगता है की अभी उनको और ज़्यादा मेहनत से खुद को बेहतर करने की जरुरत है.पंकज जी को खुद पर इतना विश्वास है की वो हर तरह की सिचुएशन पर रैप सांग बना सकते हैं.रैपिंग की फील्ड में बैटल बहुत मायने रखती है. बैटल से ही रियल टैलेंट का पता चलता है.

“पास से मेरे जब गुजरती है,
नज़रें झुका के बड़ा घूरती है,
प्यार करती बड़ा ना कह पाती है,
शर्म से चेहरा छुपाती है नज़रें घूमाती है,
एक दिन आएगा बड़ा पछतायेगा,
मेरे पीछे हज़ार चककर लगाएगा,
एक दिन देखना तू जरूर आएगा.
अब सुन मेरी बात मैं हूँ तेरे साथ,
दिन हो या रात हो हाथों में हाथ,
सुन ले कहानी मैं हूँ तेरी दीवानी,

नए शब्दों के चयन के लिए पंकज जी हिंदी, उर्दू  टीवी सीरियल देखते हैं जैसे आजकल अकबर – बीरबल का टीवी पर कोई सीरियल आने वाला है. उसमें कुछ शब्द नए मिलेंगे.

“मैं नहीं बोल रहा मेरी बोल रही अवाम”
“ज़िन्दगी चढ़ रही है मौत की सीढियाँ,
मौत से पहले पाना है अपना मुकाम.
जितना भी रोक लो
जितना भी टोक लो ,
मैं रुकूंगा नहीं चाहे आ जाएं तूफान.
घमंड नहीं करता मैं रत्ती भी,
मुझे यारों पे अपने है काफ़ी गुमान.

जम्मू – कश्मीर के प्रोफेशनल रैपर पैरी-G ने पंकज जी को अपने साथ टाई-अप करने की पेशकश की है. शायद आने वाले समय में दोनों एकसाथ कोई काम करें.

पंकज जी में टैलेंट बहुत है. अभी तक उन्होंने जितना भी किया ये तो सिर्फ शुरुआत है.अभी तो मंजिलें बहुत सारी बाकी है.पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच की मैनेजमेंट का नाम ज़िन्दगी है.

भविष्य में पंकज जी अपना खुद का एक स्टूडियो बनाकर उसमें वीडियो – ऑडियो रिकॉर्ड करना चाहते हैं क्योंकि अभी तक उन्होंने सभी रैप-गाने मोबाइल फोन पर ही बनाये हैं और अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए हैं.

नए लड़के जो रैप के क्षेत्र में आना चाहते हैं उनके लिए मैं कहना चाहूंगा की नशा ना करें. बिना नशा किए भी रैप गाने बनाये जा सकते हैं.अपनी सेहत का ख्याल रखें.अच्छी सेहत से अच्छा दिमाग़ चलेगा और अच्छे दिमाग़ में अच्छे विचार आते हैं और किसी भी क्रिएटिव फील्ड के लिए अच्छा दिमाग बहुत जरूरी है.नए लड़कों को अपने हुनर पर विश्वास रखना चाहिए.

जनता के लिए मेसेज है की हर क्षेत्र में  हुनर को  पहचान दिलाने में मदद करें.

रैप ज्यादा ग़म और ज्यादा ख़ुशी दोनों में से निकलता है – रैपर पंकज सिंह.