लखनऊ में आज प्रदेश स्तरीय अखिल भारतीय ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों की बैठक संपन्न हुई।
बैठक के दौरान मुख्य रूप से जनगणना में ओबीसी जातियों की गणना सरकार द्वारा ना किए जाने एवं किसानों की समस्याओं को लेकर चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश संगठन के महासचिव श्री चंद्रशेखर यादव ने बताया कि फरवरी 2021 से होने वाली सरकारी जनगणना के फार्म में ओबीसी का कालम अवश्य होना चाहिए और यदि ऐसा नहीं होता है तो अखिल भारतीय ओबीसी महासभा द्वारा एक मेमोरेंडम जिला अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय को भेजा जाएगा। क्योंकि इसके अभाव में देश की विभिन्न ओबीसी जातियों को, सरकारी संसाधनों में समान अनुपात में भागीदारी नहीं मिल पा रही है। अतः इसके लिए जनगणना फार्म में ओबीसी कालम आवश्यक है।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्री यशपाल सिंह ने बताया कि वर्तमान सरकार ने किसानों की सहमति के बिना 3 कृषि कानून बनाए हैं जो किसान विरोधी हैं इसलिए संगठन किसानों के प्रदर्शन में उनके साथ कंधा मिला कर खड़ा हुआ है।

उपरोक्त संबंध में ओबीसी महासभा ने अपना ज्ञापन भी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्य सचिव (गृह), जनगणना रजिस्ट्रार, एवं कमिश्नर को भेजा है। इसके बाद भी इस सरकार ने यदि कोई कार्यवाही नहीं की तो जन आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।

चारबाग ओबीसी कार्यालय की बैठक में मुख्य रूप से के एस कुशवाहा- सलाहकार, जितेंद्र चौरसिया- प्रदेश सह-सचिव, बाबूलाल लोधी- महासचिव, कानपुर मंडल, विजय कुमार पटेल – वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष, पुरुषोत्तम सिंह -प्रदेश सचिव, प्रेम शंकर चौधरी, जिला अध्यक्ष -लखनऊ सहित रविकांत यादव, रामनारायण, रामविलास शर्मा आदि भी उपस्थित रहे और अपने विचार प्रस्तुत किए।