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बन्धु! मैं ’मजदूर’ हूं।

श्रमजीवी पिपीलिका हूं,श्रृष्टि का मैं नूर हूं।बन्धु! मैं ’मजदूर’ हूं। परजीवियों की जीविका की,मैं ही तो आश...

बोझ उठाये कंधों पर

साथ छोड़ दे साँस, न जाने कब थम जाए दिल की धड़कन।बोझ उठाये कंधों पर, जीते कितना अभिशापित जीवन।।

कविताः नारी सम्मान

अंतर यह नर नारी का,क्यों कर ऐसा होता है।संतति एक प्रक्रिया एक, तो भेद भाव क्यों होता है।।

कविताः परिणीता

तरंगें जब अनुरूप हुई, तब संगम अरु संयोग हुआ।दो कदम बढ़ें ठिठके ठिठके, दो रूहों का तब मेल हुआ।।दो अनजाने व्यक्तित्व...

11 लोगो ने जीती कोरोना से जंग

शेख परवेज आलम जनपद सहारनपुर वासियों के लिए लगातार राहत भरी खबर सामने आ...

कविताः मजदूर

जो भी दूर हैं।हैं,लाठी किसी वृद्ध की तो,किसी मांग का सिंदूर हैं।। पर हैं तो ‘सर्वहारा’ ही,अर्थात्...

गीतः विश्व गुरु बनने की ये कैसी है कहानी

विश्व गुरु बनने की ये कैसी है कहानी।देख-देख आये इसे अखियों में पानी।। लूट रहा राजा प्रजा...

जीवन यात्रा- क्या खोया क्या पाया

मैं रोज परास्त होता हूं, अपनों के गन्दे व्यवहारों से…मैं रोज परास्त होता हूं, जीवने के नित नये उल्झे विचारों से…आखिर...

मां मुझे तेरी हर बात याद है

मां का आंचल में मुझको सुलाना अभी भी याद है थपकियां देकर बिस्तर पर मुझको सुला देर...

कविताः अभिसारिका

अभिसप्त और अभिशापित जीवन, जीने को मजबूर ।साज संवर, शिलित, श्रृंगारित, पर है सबसे दूर।। क्षुधा पेट...

कविताः एक जीवन यात्रा

सूक्ष्म जीव जब बैठ बदन में, पाला पोसा जाएगा।दो सौ सत्तर दिन की यात्रा, अंधियारे में बिताएगा।।

बता सजना तुम्हें मैं क्या कहूँ

तुम्‍हे गजल कहूँ या गीत कहूँ, हमराज कहूँ, मनमीत कहूँसागर की ऊँची लहरों सा, या पुरवाईया की प्रीति कहूँ।सारी कलियाँ चटकीं...

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जागो हे वंचित समाज

जागो हे वंचित समाज, ताकत को अपनी पहचानो।दुनिया का कोई भी मत हो, परखो पहले फिर मानो।।

गज़ल

जिंदगी सवाल हो गई।कैसी फटेहाल हो गई।।सब अभाव सत्य हो गए।दुर्दशा निहाल हो गई।।सोच सारे स्वप्न बन गए।उम्र रोटी दाल हो...

आम जनमानस को सीधी मदद की है दरकार!!

आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारत सरकार ने 20 लाख करोड़ की राहत एवं पैकेज की घोषणा की है जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को...

क्या पेट सिर्फ गरीब मजदूरों के पास ही होता है?? क्या गरीब बेरोजगार छात्र बिना पेट के पैदा हुए है??

🤔🤔🤔🤔ऐसा लग रहा है कि देश में सिर्फ मजदूर ही रहते हैं….बाकी क्या काजू किसमिस बघार रहे हैं ?🙁
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