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कविता

बदलते इंसान

जब सब समझाएतो समझ जाना चाहिए,जो छोड़ चुके हैंअब उनकोछोड़ ही देना चाहिए।उतर चुके हैं जो दिल…

कविताः वक्त

By: अमित डोगरा.,पी.एच डी -शोधकर्ता ,गुरु नानक देव विश्वविद्यालय ,अमृतसर वक्त बदलेगा,सब कुछ बदल जाएगा,आज तेरे साथ…

कमल

कोमलता,शुभ,निर्मलता का यह परिचायक है।नयनों को भाने वाले पुष्पों का नायक है।देव करों की शोभा है यह…

काल (Vimal)

मैं तूफानों से निकला हूंमुझे आंधियों सेअब कोई डर नहीं,मैं महाकाल से मिला हूंमुझे काल सेअब कोई…

विलक्षण भानु

अपूर्व,अनुपम हे! दिवाकर,प्रकाश मुढिंत जीवन को देकर,मानवता का मान बढा़कर,हे! विलक्षण भानु भास्कर।।अर्पित कर यह जीवन सारा,घूम…