वास्तु शास्त्र
घर और ऑफिस के लिए वास्तु टिप्स
घर का मुख्य द्वार
मुख्य द्वार उत्तर या पूर्व दिशा में होना शुभ माना जाता है। दरवाजे पर शुभ चिह्न लगाएं। द्वार के सामने कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
रसोईघर
रसोई का स्थान दक्षिण-पूर्व दिशा (आग्नेय कोण) में सबसे उत्तम माना जाता है। खाना बनाते समय मुख पूर्व दिशा की ओर रखें। रसोई में पीने का पानी उत्तर-पूर्व में रखें।
शयनकक्ष
मास्टर बेडरूम दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। सोते समय सिर दक्षिण दिशा में रखें। बेडरूम में दर्पण बिस्तर के सामने न रखें।
पूजा घर
पूजा स्थल उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में बनाएं। मूर्तियों का मुख पश्चिम या दक्षिण दिशा में रखें। पूजा स्थल हमेशा साफ और प्रकाशमान रखें।
बाथरूम
बाथरूम उत्तर-पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा में बनाना उचित है। शौचालय का सीट दक्षिण-उत्तर दिशा में होना चाहिए।
बगीचा और पौधे
तुलसी का पौधा उत्तर-पूर्व दिशा में लगाएं। बड़े पेड़ दक्षिण या पश्चिम दिशा में लगाएं। कांटेदार पौधे घर में न रखें।